सोनम वांगचुक भूख हड़ताल ने राजधानी दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही बहस को फिर तेज कर दिया है। पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनके साथ कई छात्र कार्यकर्ता भी इस आंदोलन में शामिल हो गए हैं और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक भूख हड़ताल में छात्रों का बढ़ता समर्थन
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद अपना अनशन शुरू किया। इस आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाना बताया गया है।
वांगचुक ने मंच से कहा कि वह अकेले नहीं हैं और देशभर के कई युवा इस संघर्ष में उनका साथ दे रहे हैं। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों और युवाओं का आभार भी व्यक्त किया।
छह छात्र भी अनशन में शामिल
आंदोलन के दौरान छह छात्र नेताओं ने भी भूख हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की। छात्र संगठनों का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक बदलाव की मांग को लेकर यह कदम उठा रहे हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि उनका समर्थन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे आंदोलन के साथ है तथा वे अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सीमित कर दिया गया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी सुविधाओं की व्यवस्था करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
आंदोलन ने फिर बढ़ाई शिक्षा सुधार की मांग
सोनम वांगचुक के अनशन के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गए हैं। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को कितना व्यापक समर्थन मिलता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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