White House Shooter मामले ने अमेरिका में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्हाइट हाउस के पास सीक्रेट सर्विस चेकपॉइंट पर फायरिंग करने वाले 21 वर्षीय युवक की पहचान नासिर बेस्ट के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से परेशान था और पहले भी कई बार सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आ चुका था।
घटना के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई।
White House Shooter पहले भी हो चुका था गिरफ्तार
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नासिर बेस्ट को 2025 में भी गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसने व्हाइट हाउस के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश की थी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गिरफ्तारी के दौरान उसने खुद को “Jesus Christ” का आधुनिक अवतार बताया था। उसने अधिकारियों से यह भी कहा था कि वह जानबूझकर गिरफ्तार होना चाहता है।
बताया जा रहा है कि आरोपी कई बार व्हाइट हाउस के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमता देखा गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले भी उसे चेतावनी दी थी।
फायरिंग के दौरान मची अफरा-तफरी
घटना भारतीय समयानुसार सुबह करीब 5 बजे हुई। आरोपी ने अपने बैग से हथियार निकालकर सुरक्षा चौकी की ओर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने फायरिंग की।
इस दौरान एक आम नागरिक भी गोली लगने से घायल हुआ। हालांकि अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह आरोपी की गोली से घायल हुआ या जवाबी कार्रवाई में लगी गोली से।
घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया और पुलिस ने लोगों को उस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी।
राष्ट्रपति ट्रंप थे व्हाइट हाउस में मौजूद
रिपोर्ट्स के अनुसार घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद थे, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि आरोपी ने हमले की योजना कैसे बनाई और उसके पीछे असली मकसद क्या था।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ सप्ताह पहले भी ट्रंप पर कथित हमले की कोशिश की खबर सामने आई थी। इसके बाद अमेरिका में वीआईपी सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

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