ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले लोगों के लिए सड़क और ट्रैफिक से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बेला की बावड़ी से कटीघाटी तक आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब 10 किलोमीटर हिस्से को आधुनिक फोरलेन में विकसित करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब 73 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
10 किलोमीटर सड़क होगी 60 फीट चौड़ी
प्रस्तावित परियोजना के तहत पुराने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब 10 किलोमीटर लंबे हिस्से को मौजूदा टू-लेन से फोरलेन में बदला जाएगा। सड़क की कुल चौड़ाई करीब 18 मीटर यानी 60 फीट रखने की योजना है। इससे इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
बेला की बावड़ी से कटीघाटी तक होगा काम
परियोजना में कटीघाटी से गोल पहाड़िया तक वर्तमान सड़क को चौड़ा किया जाएगा। वहीं गोल पहाड़िया से बेला की बावड़ी तक करीब 6.8 किलोमीटर लंबे हिस्से को भी प्रस्तावित फोरलेन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई बढ़ने से इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
बीच में बनेगा डिवाइडर, दोनों तरफ होगी ड्रेनेज
फोरलेन सड़क में दोनों ओर करीब 7-7 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। बीच में एक मीटर का सेंट्रल डिवाइडर और दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर के शोल्डर बनाए जाएंगे। इसके साथ पक्की ड्रेनेज व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, ताकि बारिश के दौरान पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की समस्या कम हो सके।
पुल-पुलियों का भी होगा चौड़ीकरण
परियोजना में सिर्फ सड़क को चौड़ा करना ही शामिल नहीं है, बल्कि मार्ग में आने वाले पुल और पुलियों के चौड़ीकरण का काम भी प्रस्तावित है। इससे सड़क के पूरे हिस्से को एक समान यातायात व्यवस्था के लिए तैयार किया जा सकेगा। खासकर बारिश के मौसम में जलभराव के कारण आने वाली परेशानियों को कम करने में यह व्यवस्था मददगार हो सकती है।
73 करोड़ रुपये की परियोजना, मंजूरी का इंतजार
इस फोरलेन परियोजना की अनुमानित लागत करीब 73 करोड़ रुपये बताई गई है। लोक निर्माण विभाग ने ट्रैफिक सर्वे, ड्राइंग और अन्य तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर शासन की स्टैंडर्ड फाइनेंस कमेटी के सामने विचाराधीन है। तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासकीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
मंजूरी मिलते ही शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक प्रस्ताव फिलहाल शासन स्तर पर विचाराधीन है। एसएफसी से मंजूरी और इसके बाद प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर टेंडर जारी किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य स्वीकृति के बाद निर्माण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना है।
अतिक्रमण हटने के बाद आसान होगा निर्माण
लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी, संजय नगर और कटीघाटी सहित कुछ हिस्सों में सड़क की सीमा के आसपास अतिक्रमण भी मौजूद हैं। प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सड़क सीमा में आने वाले निर्माण हटाए जाने की योजना है। जहां जरूरी होगा, वहां नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
जाम और हादसों से मिल सकती है बड़ी राहत
बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, लक्ष्मीगंज और कटीघाटी क्षेत्र में लंबे समय से ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या सामने आती रही है। फोरलेन बनने के बाद सड़क की क्षमता बढ़ेगी और भारी वाहनों की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। इससे रोजाना लगने वाले जाम और सड़क हादसों में कमी आने की संभावना है।

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