उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिरी जैसी संस्थाओं ने हजारों महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर सामाजिक परिवर्तन का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने इसे ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में निभा रहा अहम भूमिका
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिरी केवल एक औद्योगिक संस्था नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में यह संस्था प्रत्यक्ष रूप से 3000 से अधिक लोगों और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 से ज्यादा लोगों की आजीविका का आधार बनी हुई है। इनमें बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं की है।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश का वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवसर और सम्मान पहुंचे। सिरी इसी सोच को जमीन पर उतारने का काम कर रही है।
सभी धर्मों के सम्मान पर दिया जोर
श्री क्षेत्र धर्मस्थल की परंपराओं का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा से सभी धर्मों के सम्मान और सद्भाव की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि भक्ति और धर्म के साथ सामाजिक सौहार्द भी समाज को मजबूत बनाता है।
उपराष्ट्रपति ने धर्मनिरपेक्षता की भावना को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सभी धर्मों को समान सम्मान और गरिमा मिलनी चाहिए। साथ ही किसी भी प्रकार के जबरन धर्मांतरण को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
डॉ. वीरेंद्र हेगड़े के कार्यों की सराहना
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सांसद और सिरी के अध्यक्ष Dr. D. Veerendra Heggade की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग छह दशकों से उन्होंने यह दिखाया है कि आध्यात्मिकता और समाज सेवा मिलकर बड़े बदलाव ला सकती हैं।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में हेमावती वी. हेगड़े के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार किसी भी सामाजिक मिशन की सफलता के पीछे परिवार और जीवनसाथी का सहयोग भी अहम भूमिका निभाता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया औद्योगिक पार्क
उपराष्ट्रपति ने नवस्थापित सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क की सुविधाओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल उद्योग तक सीमित नहीं है बल्कि कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर भी ध्यान देती है।
यहां महिला कर्मचारियों के लिए छात्रावास सुविधा आवासीय परिसर बाल देखभाल सहायता प्रणाली स्वच्छ रसोईघर परिवहन सुविधा और अन्य कल्याणकारी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने इसे मानव केंद्रित विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
आत्मनिर्भर भारत की भावना को मिलेगा बल
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत 2047 के विजन का मूल उद्देश्य समावेशी विकास है। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत की भावना देश के विकास की दिशा तय कर रही है।
उनके अनुसार सिरी मॉडल यह साबित करता है कि उद्योग सामाजिक रूप से जिम्मेदार महिला केंद्रित पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और मानवीय भी हो सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में देशभर में ऐसे ग्रामीण औद्योगिक मॉडल विकसित होंगे।
श्री मंजुनाथ स्वामी मंदिर में की पूजा
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने Shri Manjunatha Temple में दर्शन और पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने अन्नपूर्णा प्रसाद निलय का दौरा किया और वहां आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की।
उन्होंने मंदिर द्वारा संचालित निःशुल्क सामूहिक भोजन और समाज सेवा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि करुणा समानता और सेवा की भावना भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है।
सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क का उद्घाटन केवल एक नई औद्योगिक परियोजना की शुरुआत नहीं बल्कि ग्रामीण भारत में रोजगार महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उपराष्ट्रपति का यह संदेश स्पष्ट करता है कि यदि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तो ही वास्तविक प्रगति संभव है।

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