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Meta AI Subscription लॉन्च होते ही मचा तहलका, अब AI इस्तेमाल करने के लिए देने होंगे हर महीने पैसे

By Dainik Jan Times

Published on: May 28, 2026

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Meta AI Subscription लॉन्च होते ही मचा तहलका, अब AI इस्तेमाल करने के लिए देने होंगे हर महीने पैसे

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Meta AI Subscription लॉन्च होने के बाद टेक इंडस्ट्री में नई चर्चा शुरू हो गई है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा अब अपने AI चैटबॉट और एडवांस फीचर्स के लिए यूजर्स से शुल्क लेने जा रही है। कंपनी ने “Meta One” नाम से नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं, जिनकी शुरुआती कीमत करीब 775 रुपये प्रति महीना रखी गई है।

मेटा का यह कदम ऐसे समय आया है जब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां AI तकनीक से कमाई के नए रास्ते तलाश रही हैं।

Meta AI Subscription के नए प्लान क्या हैं

मेटा ने अपने AI चैटबॉट के लिए दो अलग-अलग प्लान पेश किए हैं। पहला प्लान “Meta One Plus” है, जिसकी कीमत 7.99 डॉलर यानी लगभग 775 रुपये प्रति महीना होगी। यह प्लान उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो AI का इस्तेमाल इमेज और वीडियो बनाने या लंबे रिसर्च कार्यों के लिए करते हैं।

दूसरा प्लान “Meta One Premium” है, जिसकी कीमत 19.99 डॉलर यानी लगभग 1939 रुपये प्रति महीना रखी गई है। इसमें यूजर्स को ज्यादा उपयोग सीमा और एडवांस फीचर्स मिलेंगे।

AI कंपनियों के बीच बढ़ी प्रतिस्पर्धा

मेटा का यह फैसला सीधे तौर पर गूगल, ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों को चुनौती देता दिख रहा है। गूगल पहले से भारत में अलग-अलग AI प्लान चला रहा है, जबकि OpenAI भी अपने प्रीमियम AI टूल्स के लिए सब्सक्रिप्शन फीस लेता है।

अब Meta AI Subscription के जरिए मेटा भी इस रेस में तेजी से उतर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI सेवाओं के लिए भुगतान करना आम बात बन सकती है।

फ्री यूजर्स को भी मिलेगी सुविधा

मेटा ने साफ किया है कि AI चैटबॉट का फ्री वर्जन बंद नहीं होगा। यूजर्स मुफ्त में भी इमेज और वीडियो जनरेशन जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि भारी उपयोग करने वाले यूजर्स को एक सीमा के बाद पेड प्लान लेना पड़ सकता है।

कंपनी ने अभी यह नहीं बताया है कि फ्री यूजर्स के लिए इस्तेमाल की सीमा कितनी होगी।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश

मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग पहले ही AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश की घोषणा कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी अगले कुछ वर्षों में AI तकनीक पर अरबों डॉलर खर्च करने वाली है।

मेटा फिलहाल बड़े डेटा सेंटर और एडवांस AI सिस्टम विकसित करने पर काम कर रही है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में AI आधारित सेवाएं उसकी कमाई का बड़ा जरिया बनेंगी।

भारत में AI बाजार पर क्या होगा असर

भारत तेजी से AI उपयोग करने वाले देशों में शामिल हो रहा है। ऐसे में Meta AI Subscription भारतीय यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नया विकल्प बन सकता है। हालांकि कई लोग इसे महंगा भी मान रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मेटा बेहतर फीचर्स और विश्वसनीय AI अनुभव देता है, तो बड़ी संख्या में प्रोफेशनल यूजर्स इन प्लान्स को अपनाने पर विचार कर सकते हैं।

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