Aja Consulting Services LLP ने अपने कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने की शुरुआत की है। EV अपनाने पर कर्मचारियों को पैसे देने वाली यह पहल अब सोशल मीडिया और कॉर्पोरेट सेक्टर में चर्चा का विषय बन गई है। कंपनी ने चार पहिया EV खरीदने पर 10,000 रुपये और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर 5,000 रुपये देने की घोषणा की है।
कंपनी ने इस पहल को “Green Workplace Movement” नाम दिया है। इसके तहत केवल EV खरीदने पर ही नहीं बल्कि कारपूलिंग करने वाले कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
EV अपनाने पर कर्मचारियों को पैसे देने की क्यों पड़ी जरूरत
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद उनकी शुरुआती कीमत अभी भी कई लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। खासतौर पर टू-व्हीलर सेगमेंट में ग्राहक कीमत देखकर अक्सर फैसला बदल देते हैं।
ऐसे में कंपनी की ओर से मिलने वाला 5,000 या 10,000 रुपये का अतिरिक्त सहयोग ग्राहकों को EV खरीदने के लिए प्रेरित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह छोटी राशि भी खरीदारी के निर्णय पर बड़ा असर डाल सकती है।
कारपूलिंग को भी मिल रहा बढ़ावा
कंपनी ने केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही फोकस नहीं किया बल्कि कारपूलिंग को भी अपनी योजना में शामिल किया है। इसका उद्देश्य शहरों में ट्रैफिक और ईंधन खपत को कम करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार EV और कारपूलिंग दोनों मिलकर कंपनियों के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
पेट्रोल खर्च के मुकाबले कितना फायदा
रिपोर्ट्स के मुताबिक हैदराबाद जैसे शहरों में कई कर्मचारी रोजाना 20 से 40 किलोमीटर तक सफर करते हैं। मौजूदा पेट्रोल कीमतों को देखते हुए यह खर्च काफी बढ़ जाता है।
वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर की चार्जिंग लागत पेट्रोल के मुकाबले काफी कम पड़ती है। ऐसे में एक साल में हजारों रुपये की बचत संभव मानी जा रही है। कंपनी की सब्सिडी इस बचत को और आकर्षक बना रही है।
बड़ी कंपनियां भी अपना सकती हैं यह मॉडल
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बड़ी कंपनियां भी इसी तरह की योजनाएं शुरू करती हैं तो देश में EV अपनाने की रफ्तार काफी तेज हो सकती है।
हजारों कर्मचारियों वाली कंपनियां अगर छोटे स्तर पर भी आर्थिक प्रोत्साहन दें तो इससे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को बड़ा फायदा मिल सकता है। इसे कॉर्पोरेट सेक्टर की नई ग्रीन रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई पहल
कंपनी की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ परिवहन की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में निजी कंपनियां भी सरकार के साथ मिलकर ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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