दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हरियाणा क्लीन फ्यूल कैब नियम लागू करने की घोषणा की है।
अब 1 जनवरी 2026 से NCR क्षेत्रों में चलने वाली नई कैब, डिलीवरी और ई-कॉमर्स वाहनों में केवल CNG, इलेक्ट्रिक या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित गाड़ियों को ही अनुमति मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। 0
हरियाणा क्लीन फ्यूल कैब नियम से बदल जाएगी परिवहन व्यवस्था
हरियाणा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में यह नया नियम मंजूर किया है।
इसके तहत कैब एग्रीगेटर्स, डिलीवरी कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को अपने बेड़े में केवल स्वच्छ ईंधन वाले वाहन शामिल करने होंगे।
सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोल और डीजल वाहनों को नए फ्लीट में शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 1
ऑटो रिक्शा के लिए भी लागू होंगे नए नियम
नए नियमों के अनुसार NCR क्षेत्रों में अब केवल CNG या इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा ही फ्लीट में जोड़े जा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला NCR के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। 2
कैब कंपनियों के लिए सख्त सुरक्षा नियम
सरकार ने नई नीति में यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है।
अब सभी एग्रीगेटर कंपनियों को GPS ट्रैकिंग, पैनिक बटन, फर्स्ट-एड किट और फायर एक्सटिंग्विशर जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होंगी।
इसके अलावा 24×7 कंट्रोल रूम और शिकायत निवारण व्यवस्था भी लागू की जाएगी। 3
ड्राइवर और यात्रियों के लिए बीमा सुविधा
नई व्यवस्था के तहत कंपनियों को यात्रियों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा कवर देना होगा।
ड्राइवरों के लिए स्वास्थ्य बीमा और टर्म इंश्योरेंस भी अनिवार्य किया गया है।
सरकार का कहना है कि इससे ड्राइवरों और यात्रियों दोनों की सुरक्षा मजबूत होगी। 4
हरियाणा में EV को बढ़ावा देने की तैयारी
हरियाणा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
परिवहन मंत्री अनिल विज ने EV पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट देने का प्रस्ताव भी रखा है।
इसके अलावा राज्य में 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। 5
प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा सरकार का यह फैसला NCR में प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और लोगों को बेहतर वायु गुणवत्ता मिल सकेगी।
आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इसी तरह के नियम लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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