मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक अस्पताल में जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गईं। बताया जा रहा है कि डॉक्टर के पास आयुर्वेदिक डिग्री थी, लेकिन वह एलोपैथी पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहा था। इतना ही नहीं, अस्पताल सील किए जाने के बाद उसे दोबारा खोलने का मामला भी सामने आया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में खुला बड़ा राज
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़नगर तहसील के कई अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की। इस दौरान खरसौद कला में संचालित वेदांता अस्पताल जांच के दायरे में आया। यहां डॉक्टर संदीप यादव मरीजों का इलाज करते पाए गए। जांच में सामने आया कि उनके पास आयुर्वेद की डिग्री है, जबकि अस्पताल में एलोपैथिक इलाज किया जा रहा था।
सोशल मीडिया के जरिए भी चल रहा था इलाज का काम
जांच टीम को यह भी जानकारी मिली कि अस्पताल संचालक इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए भी मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह दे रहे थे। अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ भी मौजूद थी।
अस्पताल से मिली अमानक दवाइयां
जांच के दौरान अस्पताल परिसर से बड़ी मात्रा में अमानक और संदिग्ध दवाइयां भी बरामद की गईं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया। हालांकि अधिकारियों के जाने के बाद अस्पताल को दोबारा खोलने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम फिर मौके पर पहुंची और अस्पताल को पुनः सील कर दिया गया।
एक साथ कई अस्पताल और क्लीनिकों पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस अभियान के दौरान कई अन्य अस्पतालों, क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों पर भी कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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