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डेढ़ लाख रुपये के लिए रची खौफनाक साजिश! तलवार से वार कर युवक को तालाब में डुबोया, अब मिली उम्रकैद

By Dainik Jan Times

Published on: June 12, 2026

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उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में डेढ़ लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब तीन साल पुराने इस हत्याकांड में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोपियों ने उधार लिए गए रुपये वापस करने से बचने के लिए युवक की हत्या कर शव को छिपाने की साजिश रची थी।

रुपये लौटाने से बचने के लिए बनाई हत्या की योजना

अभियोजन पक्ष के अनुसार, राघवी थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ाखजूरिया निवासी नरेंद्र सौधिया (22) ने अपने परिचित सुनील परमार को करीब डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। जब रुपये लौटाने का समय आया तो सुनील ने पैसे वापस देने के बजाय नरेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।

इस साजिश में उसने अपने साथी बलराम उर्फ बल्लू और एक नाबालिग को भी शामिल कर लिया। तीनों ने मिलकर नरेंद्र को पैसे लौटाने के बहाने बुलाया और हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

सिर पर तलवार से हमला, फिर तालाब में डुबोकर मार डाला

7 अगस्त 2023 को आरोपियों ने नरेंद्र को फोन कर उज्जैन से गांव बुलाया। इसके बाद उसे अनाज मंडी के पीछे सुनसान इलाके में ले जाया गया। वहां पीछे से नरेंद्र के सिर पर तलवार से वार किया गया।

जब नरेंद्र ने शोर मचाने की कोशिश की तो तीनों ने उसका मुंह दबा दिया और घसीटते हुए पास के तालाब तक ले गए। वहां उसे पानी में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात के बाद आरोपियों ने हत्या में इस्तेमाल तलवार और मोबाइल फोन को भी पानी में फेंक दिया।

शव छिपाने के लिए रची दूसरी साजिश

हत्या के अगले दिन आरोपियों ने देखा कि शव पानी की सतह पर आने लगा है। इसके बाद शव से पत्थर बांधकर उसे दोबारा तालाब में डुबो दिया गया।

तीसरे दिन तीनों आरोपियों ने शव को बाहर निकाला और बोरी में भरकर दूसरे स्थान पर फेंक दिया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। बाद में एक खेत मालिक की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद किया और जांच शुरू की।

कॉल डिटेल और टावर लोकेशन से खुला राज

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन की मदद ली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और 19 अगस्त 2023 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट पेश की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत का बड़ा फैसला

लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या की थी और सबूत मिटाने की भी कोशिश की थी। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि अपराध चाहे कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं है।

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