उज्जैन में सुमेरु पीठ के शंकराचार्य नरेंद्राचार्य महाराज ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने भोजशाला से जुड़े फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया और साथ ही स्वदेशी अपनाने पर भी जोर दिया।
भोजशाला फैसले को बताया ऐतिहासिक
शंकराचार्य नरेंद्राचार्य महाराज ने कहा कि हाल में आए भोजशाला संबंधी फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए। उनके अनुसार यह निर्णय लंबे समय से जुड़े विषय पर महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
उज्जैन की मस्जिद को लेकर उठाई जांच की मांग
उन्होंने उज्जैन स्थित एक मस्जिद का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और मशीनों के जरिए उसकी जांच की जानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वहां किसी प्राचीन मंदिर के प्रमाण मिलते हैं, तो आगे उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
स्वदेशी अपनाने की लोगों से अपील
शंकराचार्य ने लोगों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील भी की। उनका कहना था कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिलेगा।
मंदिरों के सरकारी नियंत्रण पर भी रखी राय
चर्चा के दौरान उन्होंने मंदिरों के सरकारीकरण को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और परंपराओं को सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उज्जैन में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा तेज
शंकराचार्य के इस बयान के बाद उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। Lol

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