उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार दिल्ली से आए तीन छात्रों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर उनसे कुल 7500 रुपये वसूल लिए गए। मामला उस समय उजागर हुआ जब मंदिर प्रशासक ने औचक निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं से पूछताछ की।
औचक निरीक्षण में सामने आया पूरा मामला
महाकाल मंदिर में लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक शुक्रवार सुबह भस्म आरती व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दर्शनार्थियों से बातचीत की और अनुमति पत्रों की जांच की। इसी दौरान कतार में खड़े तीन छात्रों ने बताया कि उनसे भस्म आरती अनुमति दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 2500 रुपये लिए गए हैं।
छात्रों ने बताया कि वे दिल्ली से उज्जैन आए थे और स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों के संपर्क में आए, जिन्होंने पैसे लेकर भस्म आरती में प्रवेश दिलाने का आश्वासन दिया था। पूछताछ के बाद पूरा मामला प्रशासन के सामने आ गया।
आरोपितों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
मामला सामने आते ही मंदिर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। महाकाल मंदिर समिति की ओर से महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान कुछ और संदिग्ध नाम सामने आए हैं, जिन पर निगरानी रखी जा रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी हुई हो। इससे पहले भी मुंबई सहित अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं के साथ इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में कुछ लोगों से हजारों रुपये लेकर दर्शन कराने का मामला दर्ज किया गया था।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सीमित पास व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ दलाल सक्रिय हो जाते हैं और भोले-भाले श्रद्धालुओं को अपने जाल में फंसा लेते हैं।
प्रतिदिन सीमित संख्या में जारी होते हैं पास
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन सीमित संख्या में भस्म आरती पास जारी किए जाते हैं। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवेदन करते हैं, लेकिन सभी को अनुमति नहीं मिल पाती। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग पैसे लेकर फर्जी आश्वासन देते हैं और ठगी को अंजाम देते हैं।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही भस्म आरती की अनुमति प्राप्त करें और किसी भी दलाल या बिचौलिए के संपर्क में न आएं।
प्रशासन की सख्ती से मचा हड़कंप
लगातार हो रही कार्रवाई के बाद मंदिर परिसर और आसपास सक्रिय दलालों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही भस्म आरती व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त निगरानी भी बढ़ाई जा रही है।

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