उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में एक बार फिर भक्ति, संगीत और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिलेगा। 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 21वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस प्रतिष्ठित आयोजन में प्रस्तुति देने के लिए देशभर और विदेशों से 350 से अधिक कलाकारों ने आवेदन भेजे हैं, जिससे इस बार का महोत्सव और भी खास होने वाला है।
महाकाल मंदिर में फिर सजेगी सांस्कृतिक संध्या
श्रावण महोत्सव का आयोजन श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार के समीप स्थित त्रिवेणी संग्रहालय सभागार में किया जाएगा। हर शनिवार को आयोजित होने वाली सांस्कृतिक शाम में देश के प्रसिद्ध गायक, वादक और नृत्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोहेंगे।
350 से ज्यादा कलाकारों ने भेजे आवेदन
मंदिर प्रशासन के अनुसार प्रस्तुति के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मई से 10 जून तक चली थी। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने भी अपनी प्रविष्टियां भेजीं। कुल 350 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब चयन समिति इन आवेदनों की समीक्षा कर अंतिम कलाकारों का चयन करेगी।
स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा मंच
श्रावण महोत्सव की खास बात यह है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच साझा करने का अवसर दिया जाता है। इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी कला दिखाने का बड़ा मंच मिलता है।
कब-कब होंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां?
महाकाल मंदिर में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याएं 1 अगस्त, 8 अगस्त, 15 अगस्त, 22 अगस्त, 29 अगस्त और 5 सितंबर को आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक कार्यक्रम में गीत, संगीत और नृत्य की तीन विशेष प्रस्तुतियां होंगी।
देश के प्रतिष्ठित आयोजनों में होती है गिनती
श्रावण महोत्सव को देश के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है। इसकी तुलना खजुराहो महोत्सव और तानसेन समारोह जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रमों से की जाती है। हर साल हजारों श्रद्धालु और कला प्रेमी इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं।
महाकाल की नगरी उज्जैन में होने वाला यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि भारतीय कला और संस्कृति को भी नई पहचान देता है। इस बार भी श्रद्धालुओं को भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से भरपूर यादगार आयोजन देखने को मिलेगा।

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