मध्यप्रदेश के देवास जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने तबाही मचा दी। देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और करीब 25 अन्य घायल हुए हैं। घायलों में से जिन मजदूरों को गंभीर जलन की चोटें आई हैं, उन्हें इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा इलाके में दहशत का माहौल बना गया और प्रशासन हरकत में आ गया।
सीएम मोहन यादव ने किया अस्पताल का दौरा
मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर के अस्पताल पहुँचे और घायल मजदूरों का हालचाल जाना। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मामले में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना की विस्तृत जाँच चल रही है और जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा — “इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे राज्य सरकार नहीं बख्शेगी।” उन्होंने इस हादसे को एक सबक बताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। प्रशासन ने मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था या नहीं।
निष्कर्ष
देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मालिक पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की कार्रवाई और मुख्यमंत्री का सख्त रुख यह संदेश देता है कि लापरवाही बरतने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। घायल मजदूरों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ यह उम्मीद भी है कि जाँच पारदर्शी और त्वरित होगी।

Leave a Comment