होर्मुज पर ‘महायुद्ध’ जैसे हालात
अमेरिका की इस कार्रवाई को एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान की समुद्री ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया है। दावा किया जा रहा है कि अब तक ईरान के 158 जहाज और युद्धपोत तबाह किए जा चुके हैं।
तेल की कीमतें $100 के पार
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। नाकेबंदी की खबर सामने आते ही कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हो गई है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को “समुद्री डकैती” करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि नाकेबंदी जारी रही तो वह खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला कर सकता है।
वैश्विक बाजार में मचा हड़कंप
इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है, जबकि कई देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
भारत समेत दुनिया पर असर
भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ सकता है। साथ ही ट्रांसपोर्ट और अन्य सेक्टर में भी लागत बढ़ने की संभावना है।
क्या बढ़ेगा युद्ध का खतरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस संकट पर टिकी हुई हैं।

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