Delhi Railway Track Cleaning के तहत नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) ने बड़ा कदम उठाया है। इस अभियान में अब तक 18,495 मीट्रिक टन कचरा हटाया जा चुका है। यह सफाई लगभग 102.9 किलोमीटर रेलवे ट्रैक में से करीब आधे हिस्से यानी 49.74 किलोमीटर पर पूरी हो चुकी है। लंबे समय से जमा कचरे को हटाकर शहर की स्वच्छता में सुधार किया जा रहा है।
123 स्थानों पर चलाया गया विशेष अभियान
इस अभियान के लिए एमसीडी और रेलवे अधिकारियों ने मिलकर 123 स्थानों की पहचान की थी। इन जगहों पर कचरा लगातार जमा हो रहा था। इसके कारण न केवल गंदगी फैल रही थी, बल्कि शहर की छवि भी प्रभावित हो रही थी। इसलिए अधिकारियों ने मिशन मोड में काम शुरू किया। ज़ोनल और नोडल अधिकारियों की टीमों ने मिलकर सफाई कार्य को तेज किया।
करोल बाग और केशवपुरम बने टॉप परफॉर्मर
Delhi Railway Track Cleaning अभियान में करोल बाग और केशवपुरम ज़ोन ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों क्षेत्रों में करीब 4,100 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। वहीं, सिटी एसपी ज़ोन ने भी 2,703 मीट्रिक टन कचरा साफ किया। इन क्षेत्रों में लंबे समय से कचरा जमा था, जिसे अब हटाकर स्थिति में सुधार लाया गया है।
चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी मिली सफलता
कुछ इलाके सफाई के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण थे। खासकर करोल बाग के प्रेम नगर और जखीरा क्षेत्र में कई रेलवे लाइनों के कारण काम मुश्किल था। इसके बावजूद अधिकारियों ने 20 रेलवे वैगनों की मदद से बड़े स्तर पर कचरा हटाया। वहीं, आजादपुर रेलवे स्टेशन के पास मौजूद पुराना कचरा पूरी तरह साफ कर दिया गया है। अब इस जगह को खुले उपयोग के लिए तैयार किया गया है।
मशीनों और कर्मचारियों का बड़ा योगदान
इस अभियान को सफल बनाने के लिए 550 से अधिक अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को लगाया गया। साथ ही, 34 टिपर, 28 हाइवा ट्रक, 11 जेसीबी, 9 कचरा कॉम्पैक्टर, 7 छोटे वाहन और 14 ई-रिक्शा का उपयोग किया गया। इस संयुक्त प्रयास से तेजी से सफाई संभव हो सकी।
भविष्य में कचरा रोकने के लिए कदम
Delhi Railway Track Cleaning अभियान केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं है। भविष्य में कचरा न फैले, इसके लिए 61 डस्टबिन लगाए गए हैं। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इससे रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
निष्कर्ष
Delhi Railway Track Cleaning अभियान ने दिल्ली की स्वच्छता में बड़ा बदलाव लाया है। कचरे को हटाने के साथ-साथ भविष्य की योजना भी बनाई गई है। इससे आने वाले समय में रेलवे ट्रैक और शहर दोनों अधिक साफ और बेहतर नजर आएंगे।

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