बांके बिहारी मंदिर विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, जानें क्या है पूरा मामला
नई दिल्ली: मथुरा स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सुनवाई दो हफ्तों के लिए टाल दी है। इस मामले में मैनेजमेंट कमेटी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने तैयारी के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
फिलहाल नहीं होगा बड़ा बदलाव
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अभी मंदिर की मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा या संरचनात्मक बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी वर्तमान व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी और किसी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले विस्तृत सुनवाई की जाएगी।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला मंदिर के सेवायतों (पुजारियों) द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। सेवायतों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मैनेजमेंट कमेटी के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ये फैसले मंदिर की परंपराओं के खिलाफ हैं और धार्मिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
इन मुद्दों पर उठाए गए सवाल
- मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने का निर्णय
- देहरी पूजा पर रोक लगाने का फैसला
- कमेटी में पुजारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल
सेवायतों का आरोप है कि ये सभी फैसले बिना उचित विचार और परंपराओं को ध्यान में रखे लिए गए हैं, जिससे मंदिर की पुरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कोर्ट ने पहले क्या किया था?
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट ऑर्डिनेंस, 2025 के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी थी। साथ ही मंदिर के सुचारू संचालन के लिए एक हाई पावर्ड कमेटी का गठन किया गया था।
कमेटी कर रही है निगरानी
इस कमेटी की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रहे हैं और इसमें कुल 12 सदस्य शामिल हैं। यह समिति फिलहाल मंदिर के प्रशासन और व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है।
अब क्या होगा आगे?
अब इस मामले में दो हफ्ते बाद फिर से सुनवाई होगी, जहां सभी पक्ष अपनी दलीलें पेश करेंगे। इसके बाद ही कोर्ट कोई बड़ा फैसला ले सकता है।

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