किसान साथी योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बेहतर खेती, अधिक उत्पादन और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके तहत विशेषज्ञ सीधे किसानों तक पहुंचकर उन्हें वैज्ञानिक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।
कंपनी द्वारा शुरू किया गया यह कार्यक्रम किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करने पर केंद्रित है। इसके माध्यम से खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान साथी योजना के तहत मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन
इस पहल के अंतर्गत किसानों को उन्नत प्रजातियों और उच्च उत्पादकता वाले पौधों के चयन की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मिट्टी प्रबंधन, उर्वरक उपयोग, पौधों की देखभाल और विभिन्न प्रमाणन प्रक्रियाओं से संबंधित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
विशेषज्ञ किसानों को यह भी बता रहे हैं कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कौन-सी प्रजातियां बेहतर उत्पादन दे सकती हैं। इससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अतिरिक्त आय बढ़ाने पर भी जोर
कार्यक्रम के तहत किसानों को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा गया है। उन्हें अंतरवर्ती खेती यानी इंटरक्रॉपिंग के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसके जरिए किसान पौधारोपण चक्र के दौरान मौसमी फसलों की खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और उन्नत क्लोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ सके।
कई राज्यों में चल रहा अभियान
यह कार्यक्रम वर्तमान में नागालैंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल स्थित विभिन्न इकाइयों के आसपास संचालित किया जा रहा है। आने वाले समय में इसका विस्तार ओडिशा तक भी किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, किसानों के साथ मजबूत विश्वास और सहयोग के आधार पर लाखों पौधों का रोपण सफलतापूर्वक किया जा चुका है और भविष्य में इस अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।
किसानों के लिए बड़ा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और नियमित मार्गदर्शन से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि संभव है। यही कारण है कि किसान साथी योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है

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