आईपीएल 2026 के बाद ऋषभ पंत कप्तानी विवाद ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से पहले कहा गया था कि ऋषभ पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन अब सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्हें टीम प्रबंधन ने कप्तानी से हटाया था। इसके बाद पंत ने फ्रेंचाइजी छोड़ने का मन बना लिया।
ऋषभ पंत कप्तानी विवाद पर नया दावा
आईपीएल 2026 फाइनल से कुछ दिन पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि ऋषभ पंत के अनुरोध पर उन्हें कप्तानी से मुक्त किया गया है। फ्रेंचाइजी ने अपने बयान में पंत के योगदान की सराहना करते हुए टीम के पुनर्गठन पर ध्यान देने की बात कही थी।
हालांकि, नई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंत ने स्वेच्छा से कप्तानी नहीं छोड़ी थी। दावा किया जा रहा है कि खराब प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन ने उन्हें कप्तानी से हटा दिया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस फैसले के बाद पंत खुद को फ्रेंचाइजी में उपेक्षित महसूस कर रहे थे।
दिल्ली कैपिटल्स में वापसी की अटकलें तेज
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में वापसी कर सकते हैं। संभावित ट्रेड डील के तहत कुलदीप यादव के लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल होने की चर्चा है।
बताया जा रहा है कि पंत दिल्ली में वापसी के लिए वेतन में कटौती करने को भी तैयार हैं। वह दिल्ली कैपिटल्स के लिए आठ सीजन खेल चुके हैं और टीम के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।
27 करोड़ की बोली के बाद भी नहीं चला जादू
आईपीएल मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदा था। यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी।
हालांकि, पंत का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने लखनऊ के लिए 28 मैचों में 581 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 135.7 रहा। टीम लगातार तीसरे सीजन प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही।
अब सभी की निगाहें फ्रेंचाइजी और पंत के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर ट्रेड की खबरें सही साबित होती हैं, तो ऋषभ पंत कप्तानी विवाद आईपीएल इतिहास के सबसे चर्चित घटनाक्रमों में शामिल हो सकता है।

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