महिला टी20 विश्व कप में श्रीलंका ने बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा चैंपियन न्यूजीलैंड को रोमांचक मुकाबले में दो विकेट से हरा दिया। इस हार के साथ न्यूजीलैंड की खिताब बचाने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। लगातार दूसरी हार के बाद कीवी टीम के लिए सेमीफाइनल की राह बेहद कठिन हो गई है।
रोज बाउल मैदान पर खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने 151 रन के लक्ष्य को आखिरी ओवर में हासिल कर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब श्रीलंका ने महिला टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड को हराया है।
महिला टी20 विश्व कप में श्रीलंका ने रचा इतिहास
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत आक्रामक रही। कप्तान चमारी अथापथु को शुरुआती ओवरों में जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया और 27 रन बनाए।
हालांकि, मध्यक्रम में टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाए, लेकिन निलाक्षिका सिल्वा और कौशिनी नुथ्यांगना ने शानदार साझेदारी कर मैच का रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए नाबाद 48 रन जोड़कर टीम को दो गेंद शेष रहते जीत दिलाई।
निलाक्षिका सिल्वा 54 रन बनाकर नाबाद रहीं और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
न्यूजीलैंड की फील्डिंग बनी हार की वजह
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 150 रन बनाए। कप्तान मेली केर और अनुभवी बल्लेबाज सोफी डिवाइन ने 45-45 रन की अहम पारियां खेलीं।
हालांकि, आखिरी दो ओवरों में टीम सिर्फ 11 रन ही जोड़ सकी, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।
फील्डिंग में भी न्यूजीलैंड की कमजोरियां फिर सामने आईं। पिछले मुकाबले में छह कैच छोड़ने वाली टीम ने इस मैच में भी तीन आसान मौके गंवाए। निलाक्षिका सिल्वा और चमारी अथापथु को मिले जीवनदान ने मैच का परिणाम बदल दिया।
सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल
लगातार दो हार के बाद न्यूजीलैंड के लिए अब हर मुकाबला करो या मरो जैसा हो गया है। महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में केवल एक टीम ही शुरुआती दो मैच हारने के बावजूद सेमीफाइनल में पहुंच सकी है।
दूसरी ओर, श्रीलंका की इस जीत ने ग्रुप चरण की प्रतिस्पर्धा को और रोमांचक बना दिया है। कप्तान चमारी अथापथु ने जीत के बाद कहा कि मौजूदा चैंपियन को हराने से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे किसी भी टीम को चुनौती दे सकती हैं।

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