वैश्विक अशांति का अंत और भारत की बड़ी उम्मीदें
प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समझौते के जमीन पर लागू होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता का एक नया माहौल बनेगा। भारत हमेशा से ही समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार को बिना किसी बाधा के जारी रखने का प्रबल समर्थक रहा है। इस ऐतिहासिक शांति समझौते से न केवल समुद्री यातायात सुरक्षित होगा, बल्कि ऊर्जा बाजारों में आया भारी उतार-चढ़ाव भी पूरी तरह से नियंत्रित हो सकेगा। पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच बचे हुए अन्य विवादित मुद्दों पर भी निरंतर बातचीत जारी रखने की अपील की है ताकि भविष्य में एक स्थाई और कभी न टूटने वाला अंतिम समझौता सुनिश्चित किया जा सके।
जी-7 शिखर सम्मेलन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से होने वाली खास मुलाकात
इस बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियान-लेस-बेंस के लिए रवाना हो रहे हैं, जहां वे अमीर देशों के शक्तिशाली समूह जी-7 के विशेष सत्रों में हिस्सा लेंगे। वैश्विक मंच पर इस समय सभी की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच होने वाली आगामी द्विपक्षीय बैठक पर टिकी हुई हैं। यह उच्च स्तरीय मुलाकात बुधवार दोपहर को होनी तय हुई है, जिसमें दोनों दिग्गज नेता व्यापारिक समझौतों और हाल ही में ओमान के तट पर अमेरिकी हमलों में मारे गए तीन भारतीय नाविकों के संवेदनशील मामले सहित कई अन्य गंभीर अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर आमने-सामने बैठकर विस्तार से चर्चा करेंगे।

Leave a Comment