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IITian अरविंद जैन का बड़ा दावा, AI कभी नहीं छीन पाएगा इंसानों की नौकरियां और काम करने का अधिकार

By Dainik Jan Times

Published on: May 22, 2026

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IITian अरविंद जैन का बड़ा दावा, AI कभी नहीं छीन पाएगा इंसानों की नौकरियां और काम करने का अधिकार

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Arvind Jain ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा बयान दिया है। IITian अरविंद जैन AI के बढ़ते प्रभाव के बीच मानते हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता इंसानों की नौकरियां खत्म नहीं करेगी, बल्कि उनके काम को और बेहतर बनाने में मदद करेगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियां AI आधारित बदलावों और छंटनी को लेकर चर्चा में हैं।

अरविंद जैन ने कहा कि उनकी कंपनी दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के साथ काम करती है, लेकिन अभी तक किसी भी नौकरी को पूरी तरह AI द्वारा खत्म होते नहीं देखा गया है।

IITian अरविंद जैन AI को क्यों मानते हैं मददगार

फॉर्च्यून वर्कप्लेस इनोवेशन समिट के दौरान अरविंद जैन ने कहा कि AI का उद्देश्य इंसानों की जगह लेना नहीं बल्कि उनकी क्षमता बढ़ाना होना चाहिए। उनके अनुसार AI कर्मचारियों को बेहतर गुणवत्ता वाला काम करने में सक्षम बनाता है।

उन्होंने कहा कि कई लोग यह दावा करते हैं कि AI भविष्य में बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म कर देगा, लेकिन व्यावहारिक तौर पर ऐसा अभी दिखाई नहीं दे रहा है।

कौन हैं अरविंद जैन

अरविंद जैन भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी हैं और Glean के संस्थापक और CEO हैं। उन्होंने Indian Institute of Technology Delhi से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई की और बाद में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन से मास्टर्स किया।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Microsoft से की थी। इसके बाद वे करीब एक दशक तक Google में डिस्टिंग्विश्ड इंजीनियर रहे, जहां उन्होंने सर्च, मैप्स और यूट्यूब जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया।

Glean को बनाया अरबों डॉलर की कंपनी

अरविंद जैन ने 2019 में Glean की शुरुआत की थी। यह कंपनी AI आधारित एंटरप्राइज सर्च प्लेटफॉर्म तैयार करती है, जो कर्मचारियों को कंपनी के अलग-अलग ऐप्स और डॉक्यूमेंट्स में जानकारी तेजी से खोजने में मदद करता है।

कुछ ही वर्षों में कंपनी की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ी। रिपोर्ट्स के अनुसार 2025 तक Glean की वैल्यू करीब 7.2 अरब डॉलर पहुंच गई।

AI को लेकर दुनिया में बढ़ रही बहस

जहां अरविंद जैन AI को इंसानों के लिए मददगार मानते हैं, वहीं कई बड़े कारोबारी नेताओं ने नौकरी जाने की आशंका जताई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में AI बड़ी संख्या में व्हाइट कॉलर नौकरियों को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि जैन का मानना है कि AI का सही इस्तेमाल इंसानों की उत्पादकता बढ़ाने और काम को आसान बनाने में किया जाना चाहिए।

टेक इंडस्ट्री में बदल रहा काम करने का तरीका

AI तकनीक तेजी से कंपनियों के काम करने के तरीके को बदल रही है। कई कंपनियां कोडिंग, डेटा विश्लेषण और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में इंसानों और AI के बीच सहयोग का मॉडल ज्यादा मजबूत हो सकता है, जहां तकनीक लोगों की जगह लेने के बजाय उनकी सहायता करेगी।

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