सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है जिसमें इन्फ्लुएंसर तरिणी पेशावरिया ने कान्स फिल्म फेस्टिवल का सच बेबाकी से उजागर किया है। तरिणी लगभग चार साल पहले एक अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी ब्रांड की ओर से इस महोत्सव में गई थीं। “कोई आपको यह नहीं बताता कान्स के बारे में!” — इस कैप्शन के साथ उन्होंने जो कुछ बताया, उसने दुनियाभर के दर्शकों को चौंका दिया। उनका वीडियो देखते ही देखते लाखों बार देखा गया।
ऐश्वर्या राय के लिए बंद हो गया पूरा रेड कार्पेट
तरिणी ने सबसे बड़ा खुलासा ऐश्वर्या राय बच्चन को लेकर किया। उन्होंने बताया कि ऐश्वर्या जब रेड कार्पेट पर आती हैं, तो उनके लिए पूरा रेड कार्पेट खाली कराया जाता है। यानी वह शानदार अकेली तस्वीरें जो सोशल मीडिया पर वायरल होती हैं, वे आयोजकों की विशेष व्यवस्था का हिस्सा होती हैं। ऐश्वर्या के बाद ही कुछ इन्फ्लुएंसरों को रेड कार्पेट पर आने की अनुमति दी गई। कान्स फिल्म फेस्टिवल का सच यह है कि हर हस्ती का अनुभव वहाँ एकदम अलग होता है।
टॉम क्रूज के लिए 10 मिनट रोका गया प्रवेश
हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज के आने पर भी कुछ ऐसा ही हुआ। तरिणी ने बताया कि जब टॉम क्रूज रेड कार्पेट पर आए, तब उनके पीछे किसी को भी लगभग 10 मिनट तक प्रवेश नहीं करने दिया गया। बड़े सितारों के लिए पहुँच पर इस तरह का सख्त नियंत्रण रखा जाता है। यह बात आम दर्शकों के लिए बिल्कुल नई थी क्योंकि मीडिया में कान्स को हमेशा एक खुले और भव्य आयोजन के रूप में दिखाया जाता है।
फोटोग्राफर के लिए भी चुकाने पड़े 400 यूरो
तरिणी ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वहाँ मौजूद फोटोग्राफर हर किसी की तस्वीर नहीं खींचते। आम अतिथियों को अपनी तस्वीरें खिंचवाने के लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने खुद एक फोटोग्राफर को सात तस्वीरों और सात वीडियो के लिए 400 यूरो चुकाए। यह सुनकर कई लोगों की आँखें खुल गईं जो कान्स की चमक-दमक को पूरी तरह स्वाभाविक मानते थे।
मार्टिनेज़ होटल की सीढ़ियाँ भी नहीं हैं सबके लिए
तरिणी ने यह भी बताया कि जो मशहूर मार्टिनेज़ होटल की सीढ़ियाँ सेलेब्रिटीज की तस्वीरों में नज़र आती हैं, वे भी आम लोगों के लिए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन सीढ़ियों तक पहुँचने के लिए होटल में कमरा बुक करना ज़रूरी है, जिसकी कीमत एक रात के लिए दो से तीन लाख रुपये तक होती है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि रेड कार्पेट वास्तव में केवल एक से दो मिनट लंबा है, जबकि सोशल मीडिया पर यह कहीं अधिक भव्य नज़र आता है।
निष्कर्ष
तरिणी पेशावरिया के इस वीडियो ने कान्स फिल्म फेस्टिवल का सच सबके सामने रख दिया। सोशल मीडिया पर जो चमकदार दुनिया नज़र आती है, उसके पीछे की हकीकत काफी अलग होती है। दर्शकों ने इस ईमानदार खुलासे की खूब सराहना की और कमेंट सेक्शन में उनके प्रामाणिक अनुभव की तारीफ की। यह वीडियो यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि हम सोशल मीडिया पर जो देखते हैं, वह हमेशा पूरी सच्चाई नहीं होती।

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