वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष अब “खत्म होने के करीब” है और जल्द ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान निकल सकता है।
जल्द शुरू हो सकती है नई बातचीत
ट्रंप के अनुसार, रुकी हुई बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना है और अगले कुछ दिनों में पाकिस्तान में वार्ता का नया दौर शुरू हो सकता है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के प्रयास तेज हो गए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
इस बीच अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास घेराबंदी लागू कर दी है। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई से ईरान के समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है।
बताया जा रहा है कि ईरान की करीब 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था समुद्री व्यापार पर निर्भर है, और इस घेराबंदी के कारण उसकी आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
परमाणु मुद्दे पर अब भी मतभेद
हालांकि, दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद अभी भी कायम है। अमेरिका ईरान से यूरेनियम संवर्धन रोकने और उसके परमाणु केंद्रों को खत्म करने की मांग कर रहा है। वहीं ईरान इन शर्तों पर सहमत नहीं दिख रहा है, जिससे वार्ता में गतिरोध बना हुआ है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बयान
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी माना कि दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद बनी हुई है। उनके अनुसार, यह समस्या तुरंत हल नहीं होगी, लेकिन बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है।
IAEA ने दी चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम की सख्त निगरानी जरूरी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मजबूत सत्यापन प्रणाली के कोई भी समझौता टिकाऊ नहीं होगा।
क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल तेज
इस बीच पश्चिम एशिया में कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इजरायल और लेबनान के बीच हाल ही में बातचीत हुई है, जो क्षेत्र में शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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