उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में गुर्जर-बुंदेला गैंग का विवाद अब हिंसक टकराव में बदल गया है। फर्जी गोलीकांड, बदले की कार्रवाई और आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
फर्जी गोलीकांड से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 10 अप्रैल को ढांचा भवन क्षेत्र से शुरू हुआ, जहां 12वीं का छात्र अतीक माहोरकर जांघ में गोली लगने से घायल हो गया था। अतीक ने छंबू बुंदेला गैंग के सदस्य पर गोली चलाने का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस इस घटना को संदिग्ध मान रही है और जांच कर रही है।
अगले ही दिन घर में लगाई आग
घटना के अगले दिन 11 अप्रैल की रात चिमनगंज मंडी क्षेत्र में बदमाशों ने रौनक गुर्जर के घर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। सीसीटीवी फुटेज में करीब 13 बदमाश पांच बाइकों पर सवार होकर आते दिखाई दिए, जिनके पास पिस्टल, पेट्रोल बम और अन्य हथियार थे। आरोपियों ने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
13 आरोपी नामजद, 2 गिरफ्तार
फरियादी मनोहर सिंह गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में संतोष परमार और कमल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि कमल ने पुलिस से बचने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन गिरने से घायल हो गया और पकड़ा गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला पूरा मामला
चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाकर जांच शुरू की। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान हुई और कार्रवाई की गई।
बढ़ता गैंगवार बना पुलिस के लिए चुनौती
लगातार हो रही घटनाओं ने उज्जैन में गैंगवार की स्थिति को गंभीर बना दिया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
उज्जैन में बढ़ती गैंगवार की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बावजूद हालात संवेदनशील बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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