इलेक्ट्रिक वाहन डिमांड बढ़ी एशिया में तेजी से देखने को मिल रही है, जिसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध और उसके चलते बढ़ती ईंधन कीमतें हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि आम लोग और कंपनियां दोनों ही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती लागत से बचने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव आने वाले समय में ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिशा ही बदल सकता है। 0
इलेक्ट्रिक वाहन डिमांड बढ़ी: महंगे ईंधन ने बदला लोगों का रुझान
मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के खर्च पर पड़ा है, जिसके चलते अब वे कम खर्च वाले विकल्पों की तलाश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। 1
एशियाई देशों में यह असर ज्यादा देखा जा रहा है, क्योंकि यहां के कई देश तेल आयात पर निर्भर हैं। ऐसे में सप्लाई में कमी और कीमतों में उछाल ने लोगों को मजबूर कर दिया है कि वे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ें। 2
EV कंपनियों को मिला बड़ा फायदा
इस संकट का सबसे ज्यादा फायदा इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को मिल रहा है। वियतनाम की प्रमुख EV कंपनी की बिक्री में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है और उपभोक्ताओं की दिलचस्पी भी बढ़ी है। कई ग्राहक अब लंबे समय के खर्च को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का फैसला कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड केवल अस्थायी नहीं है, बल्कि भविष्य में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ सकती है, क्योंकि लोग

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