कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक वायरल वीडियो ने हलचल मचा दी है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चेयरमैन हुमायूं कबीर से जुड़ा एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें करोड़ों की डील और राजनीतिक रणनीति को लेकर बातचीत का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो से बढ़ी सियासी गर्मी
बताया जा रहा है कि करीब 19 मिनट के इस वीडियो में हुमायूं कबीर कुछ नेताओं के साथ बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। इसमें राज्य की राजनीति को लेकर रणनीति और सत्ता परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा होने का दावा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है।
टीएमसी ने उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने इस वीडियो को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि इतने बड़े आरोपों के बावजूद संबंधित एजेंसियां चुप क्यों हैं।
चुनाव से पहले बढ़ा सस्पेंस
राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे समय में इस तरह का वीडियो सामने आना सियासी माहौल को और गर्म कर रहा है। विभिन्न दल इसे लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है।
हुमायूं कबीर ने बताया वीडियो फर्जी
विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं कबीर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और तकनीक के जरिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस वीडियो को फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो की सच्चाई पर बना संशय
फिलहाल इस वायरल वीडियो की सच्चाई की पुष्टि नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के वीडियो का इस्तेमाल राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए भी किया जा सकता है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और वीडियो की असली सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है। फिलहाल यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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