मध्य प्रदेश में शेयर मार्केट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। उज्जैन पुलिस ने इंदौर में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा, हालांकि बाद में उन्हें नोटिस पर छोड़ दिया गया।
कैसे सामने आया ठगी का मामला?
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसे शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 70 हजार रुपये की ठगी की गई है।
इंदौर में फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस की कार्रवाई
शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों का पता लगाया गया। इसके बाद इंदौर के विजय नगर इलाके में फर्जी ब्रोकरेज कंपनी के ऑफिस पर दबिश दी गई।
कार्रवाई के दौरान मुख्य संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो कॉल सेंटर के जरिए लोगों को निवेश का झांसा देकर ठगी कर रहे थे।
ऑफिस से क्या-क्या मिला?
पुलिस को मौके से कई अहम सबूत मिले, जिनमें शामिल हैं:
- 6 बेनामी सिम कार्ड
- 3 बेनामी डेबिट कार्ड
- 15 कंप्यूटर यूनिट और 19 मॉनिटर
- मोबाइल फोन, राउटर और अन्य उपकरण
- कई लोगों के डिमैट अकाउंट और बैंक डिटेल
आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को तेजी से मुनाफा दिलाने का लालच देकर ठगी करता था।
क्यों छोड़े गए आरोपी?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों में अधिकतम सजा सात साल से कम है। इसी वजह से उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
सावधान रहें: ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?
- अनजान कॉल या मैसेज पर निवेश करने से बचें
- किसी भी स्कीम में पैसे लगाने से पहले जांच करें
- सिर्फ अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें
- संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई से एक बड़ा गिरोह सामने आया है, लेकिन लोगों को खुद भी जागरूक रहने की जरूरत है।

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