सोशल मीडिया के जरिए बढ़ती दोस्ती अब खतरे का कारण बनती जा रही है। एक चौंकाने वाले मामले में एक युवक ने ऑनलाइन दोस्ती के बहाने नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और फिर उसका अपहरण कर लिया। पहचान छिपाने के लिए उसे बुर्का पहनाकर घर में रखा गया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
ऑनलाइन दोस्ती बनी जाल
जानकारी के अनुसार, आरोपी और नाबालिग के बीच पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया और अपने साथ ले गया।
परिजनों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
नाबालिग के लापता होने पर परिजन तुरंत पुलिस के पास पहुंचे। पहले गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन बाद में अपहरण की आशंका जताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी से मिला सुराग
पुलिस ने शहर के कई इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें नाबालिग की आखिरी लोकेशन का पता चला। इसके आधार पर पुलिस टीम ने देर रात दबिश देकर बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बुर्के में छिपाई गई पहचान
जब पुलिस ने बालिका को बरामद किया, तब वह बुर्का पहने हुई थी। आरोपी ने उसकी पहचान छिपाने के लिए ऐसा कराया था। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं उस पर दबाव तो नहीं बनाया गया था।
आरोपी गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में केस
पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ अपहरण व पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर सावधानी जरूरी
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना खतरनाक हो सकता है। खासकर बच्चों और किशोरों को इस तरह के मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है।
ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर होने वाले अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक करें।

Leave a Comment