मध्य प्रदेश के नागदा क्षेत्र से एक ऐसी दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। गांव गिदगढ़ में बकरी चराने गए दो चचेरे भाइयों की नहाने के दौरान पानी से भरी खाल में डूबने से मौत हो गई। दोनों की उम्र महज 14 वर्ष थी और वे कक्षा आठवीं के छात्र थे। इस हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया और अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम दिखाई दी।
बकरी चराने गए थे, नहाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार दोनों चचेरे भाई दोपहर के समय गांव के पास बकरियां चराने गए थे। उनके साथ परिवार का एक छोटा सदस्य भी मौजूद था। बारिश के कारण पास की खाल में पानी भर गया था। दोनों किशोर नहाने के लिए पानी में उतर गए, जबकि छोटे भाई को बकरियों की देखभाल करने के लिए बाहर छोड़ दिया गया।
कुछ ही देर बाद दोनों गहरे पानी की ओर चले गए और बाहर नहीं निकल सके। उन्हें डूबता देख छोटा भाई घबरा गया और तुरंत गांव पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने बचाने की पूरी कोशिश की
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार और गांव के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
एक ही परिवार के दो मासूमों के जाने से पसरा मातम
दोनों बच्चों की मौत से पूरे गांव का माहौल शोक में बदल गया। देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और हर किसी की आंखें नम थीं।
बताया जा रहा है कि मृतक सुरेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। वहीं दोनों बच्चों के पिता सगे भाई हैं, जिससे यह हादसा पूरे परिवार के लिए असहनीय बन गया है।
जनप्रतिनिधियों ने परिवार से की मुलाकात
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। प्रशासन से तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक परिवार को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत करने की कार्रवाई की जा रही है।
बारिश के मौसम में बढ़ा खतरा
इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों ने गांव के आसपास बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढों और खालों को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसे स्थान बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम करने और लोगों को जागरूक करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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