Ujjain Mahakal Sawari 2026 : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 अगस्त 2026 को उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर की पांचवीं सवारी में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बाबा महाकाल के स्वरूप भगवान चंद्रमौलेश्वर की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी भाद्रपद महीने की पहली सवारी भी रही। धार्मिक उत्साह से भरे इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सवारी के दौरान भक्ति, वैदिक मंत्रोच्चार और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे उज्जैन को भक्तिमय बना दिया।
CM मोहन यादव ने की भगवान चंद्रमौलेश्वर की पूजा
सवारी के दौरान भगवान चंद्रमौलेश्वर पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रामघाट पहुंचकर भगवान के स्वरूप की पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रदेश की जनता के सुख और कल्याण के लिए प्रार्थना की। 0
मुख्यमंत्री सवारी में श्रद्धा के साथ शामिल हुए और श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक उत्साह का हिस्सा बने। सवारी के दौरान भक्तों ने बाबा महाकाल की पालकी पर पुष्प अर्पित किए। 1
रामघाट पर हुआ भव्य धार्मिक आयोजन
बाबा महाकाल की सवारी के रामघाट पहुंचने पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा और अन्य अनुष्ठान किए गए। भगवान महाकाल के स्वरूप का क्षिप्रा नदी के जल से पारंपरिक अभिषेक किया गया। इसके बाद रामघाट पर आरती सहित धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। 2
रामघाट पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे आयोजन का दृश्य और भी आकर्षक बन गया। सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग दे दिया। 3
1100 बटुकों ने किया वैदिक मंत्रोच्चार
महाकाल की सवारी में करीब 1,100 बटुकों ने वैदिक मंत्रों का सामूहिक उच्चारण किया। इसके अलावा जनजातीय कलाकारों और विभिन्न सांस्कृतिक समूहों ने पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। इससे धार्मिक आयोजन में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता की भी झलक देखने को मिली। 4
पहली बार सवारी में दिखा रोबोट का आकर्षण
इस बार बाबा महाकाल की सवारी में एक रोबोट भी आकर्षण का केंद्र रहा। रोबोट ने संस्कृत मंत्रों का उच्चारण किया और बाद में रामघाट पर नृत्य भी किया। श्रद्धालुओं के बीच यह आयोजन का एक अनोखा आकर्षण बना। 5
सवारी में पुलिस और धार्मिक दलों की भागीदारी
महाकाल की सवारी में घुड़सवार पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड, भजन मंडलियां, झांझ दल और पुलिस बैंड भी शामिल रहे। महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल ने भगवान को औपचारिक सलामी दी। 6
पुलिस बैंड के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने धार्मिक और पारंपरिक धुनें प्रस्तुत कीं। इससे सवारी का माहौल और अधिक भव्य नजर आया।
बाबा महाकाल की सवारी की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | उज्जैन, मध्य प्रदेश |
| आयोजन | बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी |
| मुख्यमंत्री | डॉ. मोहन यादव |
| प्रमुख पूजा स्थल | रामघाट |
| वैदिक मंत्रोच्चार | लगभग 1,100 बटुक |
| विशेष आकर्षण | रोबोट द्वारा संस्कृत मंत्रोच्चार |
| अन्य आकर्षण | हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां |
उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
बाबा महाकाल की सवारी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन उज्जैन की धार्मिक पहचान को और मजबूत करते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से स्थानीय होटल, परिवहन, खान-पान और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को भी आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलता है।
महाकाल लोक के विकास और उज्जैन में धार्मिक सुविधाओं के विस्तार के साथ शहर को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
सवारी मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। लोगों ने बाबा महाकाल की पालकी के दर्शन किए और धार्मिक जयकारों के बीच अपनी आस्था व्यक्त की। सवारी के दौरान भजन, मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
निष्कर्ष
उज्जैन में बाबा महाकाल की पांचवीं सवारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का भव्य उदाहरण बनी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सवारी में शामिल होकर भगवान चंद्रमौलेश्वर की पूजा की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, 1,100 बटुकों का वैदिक मंत्रोच्चार, जनजातीय प्रस्तुतियां और पहली बार रोबोट की भागीदारी ने इस आयोजन को खास बना दिया। 7
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक समाचार रिपोर्टों के आधार पर स्वतंत्र रूप से तैयार किया गया है। धार्मिक आयोजन और उससे जुड़ी जानकारी समय के साथ अपडेट हो सकती है। नवीनतम एवं आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित प्रशासन या आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता दें।

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