उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई। मंदिर की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) में तैनात एक सुरक्षाकर्मी पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना ऐसे समय हुई है, जब महज तीन दिन बाद श्रावण मास शुरू होने वाला है और मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
धनुष द्वार के पास हुआ हमला
पुलिस के अनुसार घायल सुरक्षाकर्मी की पहचान आकाश राठौर के रूप में हुई है। वह शुक्रवार दोपहर मंदिर परिसर के धनुष द्वार के पास ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान तीन युवकों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि एक युवक ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। साथी सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी चाकू मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बताया कि हमला आपसी विवाद से जुड़ा हो सकता है। मामले में फूल-प्रसाद की दुकान पर काम करने वाले एक युवक पर हमला करने का आरोप है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और फरार तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।
श्रावण से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रावण मास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी पर हुए हमले ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कर्मचारियों में नाराजगी
घटना के बाद मंदिर कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि यदि सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि मंदिर परिसर में अतिक्रमण और अवैध रूप से फूल-प्रसाद बेचने वालों को हटाने के दौरान अक्सर विवाद की स्थिति बनती रहती है।
प्रशासन ने शुरू की समीक्षा
मामले के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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