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CM मोहन यादव का बड़ा फैसला: अब सीधे खेत-खलिहान तक पहुंचेगी सरकार

By Dainik Jan Times

Published on: April 29, 2026

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भोपाल: मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी के तहत वे खुद हेलीकॉप्टर से अचानक किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र पर पहुंच सकते हैं और मौके पर ही व्यवस्था का जायजा लेंगे।

कभी भी उतर सकता है हेलीकॉप्टर, अधिकारियों में बढ़ी टेंशन

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण करेंगे। उनका हेलीकॉप्टर सीधे किसी भी उपार्जन केंद्र पर उतर सकता है। वहां पहुंचकर वे किसानों से सीधे बात करेंगे और पूछेंगे कि उन्हें सरकार की सुविधाएं सही तरीके से मिल रही हैं या नहीं।

इस फैसले से प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है क्योंकि अब कागजों की नहीं बल्कि ग्राउंड रियलिटी की जांच होगी।

किसानों से सीधे संवाद करेंगे CM

मुख्यमंत्री का फोकस सिर्फ निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। वे किसानों से आमने-सामने बातचीत कर यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या उन्हें समय पर तौल की सुविधा मिल रही है, क्या भुगतान में देरी हो रही है और क्या बैठने व पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे सरकार को सीधे जमीनी फीडबैक मिलेगा और समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा।

उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सुविधाएं

सरकार ने किसानों के लिए कई व्यवस्थाएं लागू की हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। उपार्जन केंद्रों पर पीने के पानी और छाया की व्यवस्था की गई है। तौल की प्रक्रिया को तेज करने के लिए तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही साफ-सफाई और गुणवत्ता जांच के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।

किसानों को समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल के साथ 40 रुपये बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। इसके अलावा स्लॉट बुकिंग की क्षमता भी बढ़ाई गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी उपज बेच सकें।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री के इस फैसले से स्पष्ट है कि अब गेहूं खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अगर निरीक्षण के दौरान कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है।

क्यों अहम है यह फैसला

मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी किसानों की आय से सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल व्यवस्था को बेहतर बनाएगा बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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