देवास में एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी के बाद विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने मंदिर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की तैनाती की आवश्यकता पर एक बार फिर जोर दिया है।
महाकाल मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग
सांसद अनिल फिरोजिया ने अपने पत्र में कहा है कि महाकाल मंदिर देश के सबसे बड़े आस्था केंद्रों में से एक है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
अमित शाह और मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र
सांसद ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अनुरोध किया है कि महाकाल मंदिर में सीआरपीएफ की तैनाती पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका कहना है कि यह मांग नई नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार केंद्र और राज्य सरकार के सामने रखी जा चुकी है। देवास की हालिया घटना के बाद इसकी आवश्यकता और अधिक महसूस की जा रही है।
आईजी से भी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग
अनिल फिरोजिया ने उज्जैन रेंज के आईजी राकेश गुप्ता से भी चर्चा कर मंदिर की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल कैसी है महाकाल मंदिर की सुरक्षा?
महाकाल मंदिर की सुरक्षा फिलहाल बहुस्तरीय व्यवस्था के तहत की जाती है। मंदिर समिति ने तीन शिफ्टों में करीब 800 सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं। इसके अलावा पुलिस, होमगार्ड और एसएएफ के जवान भी प्रमुख स्थानों पर मौजूद रहते हैं। पूरे मंदिर परिसर और महाकाल महालोक में 400 से अधिक हाईटेक कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है, जिसकी मॉनिटरिंग आधुनिक कंट्रोल रूम से की जाती है।
पहले भी उठ चुकी है केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग
यह पहला मौका नहीं है जब महाकाल मंदिर की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग उठी हो। वर्ष 2020 में गैंगस्टर विकास दुबे के उज्जैन में पकड़े जाने के बाद भी मंदिर की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय एजेंसी की तैनाती का प्रस्ताव सामने आया था। हालांकि उस समय यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब देवास में संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।

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