72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा के कई दिग्गज कलाकारों और फिल्मकारों को प्रतिष्ठित सम्मान मिला। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार, 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह का सबसे खास पल तब आया, जब दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के सम्मान से नवाजा गया। वहीं मम्मूटी, यामी गौतम और कार्तिक आर्यन ने भी अभिनय के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान दर्ज कराई।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 में अनंत नाग को बड़ा सम्मान
अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान और लंबे फिल्मी सफर के लिए दादासाहेब फाल्के सम्मान दिया गया। यह सम्मान उनके कई दशकों के अभिनय करियर और सिनेमा में योगदान को मान्यता देता है।
सम्मान मिलने के बाद अनंत नाग ने इसे कर्नाटक और कन्नड़ लोगों को समर्पित करने की बात कही थी। उनके सम्मान के साथ इस वर्ष के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में कन्नड़ सिनेमा की मौजूदगी भी खास रही।
मम्मूटी ने चौथी बार जीता सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
मलयालम फिल्म ‘ब्रमायुगम’ में अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए मम्मूटी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। फिल्म में उन्होंने कोडुमोन पोट्टी का किरदार निभाया था।
यह मम्मूटी का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में चौथा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है। इसके साथ उन्होंने महान अभिनेता अमिताभ बच्चन के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सम्मान
हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म का निर्देशन आदित्य सुहास जंभाले ने किया है।
फिल्म में खुफिया अधिकारी की भूमिका निभाने वाली यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया गया। फिल्म में उनके अभिनय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला।
कार्तिक आर्यन ने भी मारी बाजी
कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर की भूमिका निभाने के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया।
इस फिल्म में कार्तिक ने एक वास्तविक खिलाड़ी के जीवन और संघर्ष को पर्दे पर प्रस्तुत किया था। उनके पुरस्कार ने इस साल के प्रमुख अभिनय सम्मानों में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी।
धनुष और संजय मिश्रा को भी सम्मान
तमिल अभिनेता धनुष को ‘कैप्टन मिलर’ में उनके प्रदर्शन के लिए स्पेशल मेंशन मिला। वहीं संजय मिश्रा को ‘भक्षक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार प्रदान किया गया।
निर्देशन के क्षेत्र में तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला। इसी फिल्म के संपादन के लिए आर. कलाइवन्नन को भी सम्मानित किया गया।
कई तकनीकी श्रेणियों में भी विजेता
तेलुगु फिल्म ‘पुष्पा: द रूल’ को सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का पुरस्कार मिला। फिल्म के लिए सुकुमार को सर्वश्रेष्ठ पटकथा का सम्मान दिया गया।
‘आर्टिकल 370’ के गीतों के लिए शाश्वत सचदेव को सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पुरस्कार मिला। वहीं ‘अमरन’ के बैकग्राउंड म्यूजिक के लिए जी. वी. प्रकाश कुमार को सम्मानित किया गया।
गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में सुमिरा रॉय की ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार संजीव श्रीवास्तव को दिया गया।
समारोह में दिखी भारतीय सिनेमा की विविधता
इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में आयोजित किया गया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की पृष्ठभूमि में आयोजित समारोह ने इसे खास बना दिया।
केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य भारतीय सिनेमा की विविधता को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना और देश की विभिन्न सांस्कृतिक पहचान को मंच देना है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अभिनय, निर्देशन, संगीत और तकनीकी क्षेत्रों के कई कलाकारों को सम्मान मिलने से भारतीय सिनेमा की व्यापक प्रतिभा एक बार फिर सामने आई।

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