मुंबई बुलेट ट्रेन टनल परियोजना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत देश की सबसे बड़ी रेलवे टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने सुरंग निर्माण का काम शुरू कर दिया है। यह अत्याधुनिक मशीन विक्रोली से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) की ओर खुदाई करेगी और देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को नई गति देगी।
मुंबई बुलेट ट्रेन टनल: देश की सबसे बड़ी टीबीएम की शुरुआत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 13.6 मीटर व्यास वाली मिक्सशील्ड टनल बोरिंग मशीन एक ही सुरंग में अप और डाउन दोनों बुलेट ट्रेन ट्रैक तैयार करेगी। यह सुरंग लगभग 6 किलोमीटर लंबी होगी और मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के 21 किलोमीटर लंबे भूमिगत हिस्से का अहम भाग है।
हालांकि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस परियोजना का शुभारंभ करने वाले थे, लेकिन मुंबई में भारी बारिश और रेड अलर्ट के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
अत्याधुनिक तकनीक से होगी सुरक्षित खुदाई
करीब 3,100 टन वजनी और 96 मीटर लंबी यह मशीन भारत में रेलवे सुरंग निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाली सबसे बड़ी टीबीएम मानी जा रही है।
यह मशीन घनी आबादी वाले क्षेत्रों, बहुमंजिला इमारतों, सड़कों, मीठी नदी और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों के नीचे से सुरक्षित तरीके से सुरंग तैयार करेगी। मिक्सशील्ड तकनीक मिश्रित मिट्टी और अधिक भूजल दबाव वाले क्षेत्रों में भी न्यूनतम सतही प्रभाव के साथ खुदाई करने में सक्षम है।
परियोजना के लिए तैयार किया गया विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने विक्रोली में लगभग 56 मीटर गहरा लॉन्च शाफ्ट तैयार किया है। इसके अलावा स्लरी ट्रीटमेंट प्लांट, जल शोधन संयंत्र, पावर सबस्टेशन, बैकअप जनरेटर और कंक्रीट ग्राउटिंग प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
निर्माण कार्य के दौरान आसपास की इमारतों और सार्वजनिक ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं।
कब तक पूरा होगा सुरंग निर्माण?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, विक्रोली से बीकेसी के बीच सुरंग निर्माण का कार्य 2027 की शुरुआत तक पूरा होने की संभावना है। वहीं विक्रोली से घनसोली तक का हिस्सा मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना के लिए महापे स्थित कास्टिंग यार्ड में लगभग 77,000 प्रीकास्ट कंक्रीट सेगमेंट तैयार किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग सुरंग की आंतरिक लाइनिंग में किया जाएगा।
भारी बारिश के बीच भी जारी रहा काम
मुंबई में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में 250 से 300 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। भारी वर्षा के बावजूद रेलवे अधिकारियों ने परियोजना की निगरानी जारी रखी।
हालांकि हार्बर लाइन पर एक स्थान पर पेड़ की शाखा ओवरहेड वायर पर गिरने से कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति रोकी गई, लेकिन उपनगरीय रेल सेवाएं अधिकांश मार्गों पर सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
बुलेट ट्रेन परियोजना को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि देश की सबसे बड़ी रेलवे टीबीएम के संचालन से मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के भूमिगत हिस्से का निर्माण पहले की तुलना में अधिक तेज और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सकेगा। यह भारत की हाई स्पीड रेल परियोजना के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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