मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर भारत और जापान के बीच सहयोग और मजबूत हो गया है। दोनों देशों ने 2027 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्राथमिक हिस्सों पर वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने के लक्ष्य को दोहराया है। इसके साथ ही भारत ने देशभर में हाईस्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार करने की दिशा में भी बड़ा संकेत दिया है।
मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेज हुई तैयारी
नई दिल्ली में भारत और जापान के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में इस परियोजना को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख आधार बताया गया। जापान ने भरोसा दिलाया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव तकनीकी और सहयोगात्मक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में अगली पीढ़ी की हाईस्पीड ट्रेनों को शामिल करने की दिशा में भी सहमति बनी, जिससे भविष्य में यात्रियों को अधिक आधुनिक और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके।
भारत ने 7000 किलोमीटर हाईस्पीड नेटवर्क का रखा लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी कंपनियों को भारत की भविष्य की हाईस्पीड रेल परियोजनाओं में निवेश और भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में लगभग 7000 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय हाईस्पीड रेल नेटवर्क का विकास करना है।
इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने नई पीढ़ी की मोबिलिटी साझेदारी पर सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जापान की अत्याधुनिक तकनीक और भारत की विशाल क्षमता को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
जापानी तकनीक से तैयार हो रहा पहला हाईस्पीड कॉरिडोर
मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल परियोजना भारत का पहला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर है। इस परियोजना में जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
रेल ट्रैक, विद्युत प्रणाली, सिग्नलिंग, संचालन और सुरक्षा से जुड़े आधुनिक मानकों को अपनाकर इस कॉरिडोर को विश्वस्तरीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद भारत में तेज और सुरक्षित रेल यात्रा का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास पर भी बढ़ा सहयोग
रेल परियोजना के अलावा दोनों देशों ने पूर्वोत्तर भारत में सड़क, पुल और आपदा प्रबंधन जैसी परियोजनाओं पर भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने पर भी जोर दिया गया।
मुंबई और बेंगलुरु मेट्रो परियोजनाओं के साथ महाराष्ट्र में स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा पंजाब में टिकाऊ बागवानी से जुड़ी विकास योजनाओं पर भी दोनों देशों का सहयोग जारी रहेगा।
शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगा बढ़ावा
भारत और जापान ने पर्यटन, भाषा शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति देने का फैसला किया है। दोनों देशों के बीच युवाओं को जोड़ने के लिए जापानी भाषा शिक्षा, एनीमे, मंगा, गेमिंग और फिल्म उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
इसके अलावा भारतीय राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच स्थानीय स्तर पर साझेदारी को मजबूत बनाकर आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में भी दोनों देशों ने प्रतिबद्धता दोहराई।

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