केरल हाई स्पीड रेलवे परियोजना को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। देश के प्रसिद्ध इंजीनियर और ‘मेट्रो मैन’ के नाम से पहचाने जाने वाले ई श्रीधरन ने राज्य सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द मंजूरी देने की अपील की है। उनका मानना है कि यह परियोजना केरल के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है और राज्य के विकास को नई दिशा दे सकती है।
केरल हाई स्पीड रेलवे परियोजना क्यों है खास
ई श्रीधरन के अनुसार यह परियोजना केवल एक नई रेल सेवा नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई योजना है। उनका कहना है कि समय पर मंजूरी नहीं मिलने से परियोजना की लागत लगातार बढ़ सकती है और राज्य को संभावित लाभ मिलने में देरी हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि इसके लिए अलग-अलग वित्तीय स्रोतों की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक होगा पहला चरण
प्रस्तावित योजना के अनुसार पहले चरण में हाई स्पीड रेल लाइन तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक विकसित की जाएगी। बाद में इसे कासरगोड तक विस्तार देने की योजना है।
परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा कम समय में पूरी करने की सुविधा मिल सकती है। अनुमान है कि तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक का सफर लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
यात्रियों को मिलेगी तेज और आधुनिक सेवा
योजना के अनुसार ट्रेनें नियमित अंतराल पर संचालित की जा सकती हैं। इससे राज्य के विभिन्न शहरों के बीच यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ सकते हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक लाभ मिलने की संभावना है।
सौर ऊर्जा से चलेगी रेल सेवा
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें सौर ऊर्जा के उपयोग का प्रस्ताव रखा गया है। यदि यह योजना लागू होती है तो यह देश की पहली ऐसी हाई स्पीड रेल परियोजना हो सकती है जो बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा पर आधारित होगी।
पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे ऊर्जा लागत कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
भूमि अधिग्रहण और प्रभावित क्षेत्र
प्रारंभिक आकलन के अनुसार रेल कॉरिडोर के निर्माण से कई भवन प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि परियोजना रिपोर्ट में प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं और भूमि उपयोग संबंधी सुझाव भी शामिल किए गए हैं।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
DMRC को जिम्मेदारी देने की मांग
ई श्रीधरन ने सुझाव दिया है कि इस परियोजना का निर्माण कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा जाना चाहिए। उनका मानना है कि इस संस्था के पास बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का अनुभव है।
उन्होंने कहा कि सही एजेंसी के चयन से परियोजना में अनावश्यक देरी से बचा जा सकता है और काम को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
राज्य के विकास की नई उम्मीद
केरल हाई स्पीड रेलवे परियोजना को राज्य के लिए एक परिवर्तनकारी योजना माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे समय पर मंजूरी मिल जाती है तो यह आने वाले वर्षों में परिवहन क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।
अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है, क्योंकि इस परियोजना को लेकर लोगों के बीच भी काफी उत्सुकता बनी हुई है।

Leave a Comment