देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर चर्चा के बीच भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मांग पर JSW MG Motor India के प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा ने बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि भारत में ईवी अपनाने में सबसे बड़ी बाधा मांग की कमी नहीं, बल्कि ग्राहकों के लिए पर्याप्त मॉडलों की उपलब्धता और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां हैं। कंपनी अब नए निवेश, स्थानीयकरण और नए उत्पादों के जरिए इस स्थिति को बदलने की तैयारी कर रही है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मांग पर JSW MG की राय
अनुराग मेहरोत्रा ने कहा कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपभोक्ताओं की रुचि लगातार बढ़ रही है। हालांकि, विभिन्न कीमतों और सेगमेंट में पर्याप्त विकल्प नहीं होने के कारण ईवी बाजार की गति सीमित दिखाई देती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह पिछले एक दशक में एसयूवी सेगमेंट तेजी से बढ़ा, उसी तरह इलेक्ट्रिक वाहन बाजार भी तब तेजी पकड़ेगा, जब कंपनियां विभिन्न कीमतों और जरूरतों के हिसाब से अधिक मॉडल पेश करेंगी।
4,000 करोड़ रुपये निवेश की तैयारी
JSW MG Motor India आने वाले वर्षों में करीब 4,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी का फोकस तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा, जिनमें स्थानीयकरण बढ़ाना, नए वाहन लॉन्च करना और उत्पादन क्षमता का विस्तार शामिल है।
कंपनी अपने प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता को मौजूदा 1.2 लाख यूनिट से बढ़ाकर मार्च 2027 तक 2.6 लाख यूनिट करने की तैयारी में है। इसके बाद इसे लगभग 3 लाख यूनिट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
नए प्लेटफॉर्म पर आएंगे कई मॉडल
कंपनी ने हाल ही में ADAPT प्लेटफॉर्म पेश किया है, जिस पर भविष्य के बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन, प्लग-इन हाइब्रिड और अन्य नई तकनीक वाले मॉडल विकसित किए जाएंगे।
JSW MG का कहना है कि इस वित्त वर्ष के दौरान एक नए मास-मार्केट इलेक्ट्रिक वाहन और कंपनी के पहले प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल को लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी 2027 तक अपने वाहनों में 70 प्रतिशत स्थानीयकरण हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनी बड़ी चुनौती
हालांकि आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन अब 500 किलोमीटर से अधिक की रेंज देने लगे हैं, लेकिन चार्जिंग नेटवर्क अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अनुराग मेहरोत्रा के अनुसार, देश में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी विश्वसनीयता और उपलब्धता में अभी काफी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर चार्जिंग अनुभव से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और ईवी अपनाने की गति तेज होगी।
प्लग-इन हाइब्रिड को बताया अहम विकल्प
कंपनी का मानना है कि भारत में स्वच्छ मोबिलिटी की ओर बढ़ने के लिए केवल एक तकनीक पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। प्लग-इन हाइब्रिड वाहन पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तकनीकों का लाभ प्रदान करते हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ग्राहकों की चिंताएं कम हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यापक हिस्सेदारी हासिल करने के लिए सरकार और उद्योग को मिलकर कई तकनीकी विकल्पों को बढ़ावा देना होगा।
तेजी से बढ़ेगा रिटेल नेटवर्क
JSW MG Motor India फिलहाल देशभर में करीब 550 बिक्री और सेवा केंद्र संचालित कर रही है। कंपनी अगले पांच वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 1,200 से अधिक करने की योजना बना रही है।
कंपनी के अनुसार, उसके आधे से अधिक वाहन अब टियर-1 शहरों के बाहर बिक रहे हैं और भविष्य में छोटे शहर भारत के नए ऊर्जा वाहनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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