पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में कुछ घंटे इलाज के बाद वापस जेल भेज दिया गया है। 73 वर्षीय इमरान खान को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के चलते अस्पताल ले जाया गया था। इनमें आंख से जुड़ी परेशानी भी शामिल है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने जेल लौटाए जाने की जानकारी दी है।
इमरान खान को अस्पताल से फिर जेल भेजा गया
इमरान खान को गुरुवार रात शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया था। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया, जिसमें उनके स्वास्थ्य की जांच और आवश्यक उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें अस्पताल में कुछ समय तक निगरानी और उपचार के लिए रखा जाना था। हालांकि, कुछ घंटों के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। इससे उनके स्वास्थ्य और इलाज को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
इमरान खान 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद से लगातार कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। वह तीन साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं।
परिवार से साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति
अदालत ने इमरान खान के स्वास्थ्य का मूल्यांकन कराने के साथ उनके परिवार को हर सप्ताह उनसे मिलने की अनुमति देने का भी निर्देश दिया है। यह निर्देश ऐसे समय आया है, जब उनके परिवार और समर्थकों की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने मंगलवार को अदियाला जेल में अपनी पत्नी बुशरा बीबी और बहन नोरीन नियाज़ी से मुलाकात की थी। बताया गया कि यह इस साल उनकी पहली ऐसी मुलाकात थी।
उनकी बहन के साथ करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई, जबकि बुशरा बीबी के साथ मुलाकात लगभग 30 से 35 मिनट चली।
तीन साल से अधिक समय से जेल में हैं इमरान
इमरान खान को सत्ता से हटने के बाद कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा। उनकी पार्टी के नेताओं के साथ उन्हें 2024 के आम चुनावों में हिस्सा लेने से भी रोक दिया गया था।
2025 में अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े भूमि भ्रष्टाचार मामले में इमरान खान को 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि इमरान खान और उनकी पत्नी को ट्रस्ट के माध्यम से जमीन का लाभ मिला।
इससे पहले 2024 में उन्हें 2022 में पाकिस्तान के राजदूत द्वारा भेजे गए एक गोपनीय दस्तावेज को सार्वजनिक करने के मामले में भी दोषी ठहराया गया था।
जेल में रहने के बावजूद समर्थन बरकरार
लंबे समय से जेल में रहने के बावजूद इमरान खान का राजनीतिक प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उनकी पार्टी के समर्थकों और देश के युवा मतदाताओं के बीच उनका समर्थन अब भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
PTI नेता जुल्फिकार बुखारी ने भी इमरान खान की संभावित रिहाई को लेकर कहा था कि यदि उन्हें रिहा किया जाता है, तो वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश को नुकसान पहुंचे।
फिलहाल इमरान खान के अस्पताल से वापस जेल पहुंचने के बाद उनके स्वास्थ्य और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

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