यूरोप EV पावरट्रेन मार्केट आने वाले वर्षों में तेज़ी से विस्तार करने की ओर बढ़ रहा है। ताजा बाजार विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2025 में 22.84 अरब अमेरिकी डॉलर का यह बाजार 2033 तक बढ़कर 49.89 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। अनुमान है कि इस अवधि के दौरान बाजार लगभग 10.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज करेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग से मिलेगा बढ़ावा
रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) और प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (PHEV) की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 में नए वाहन पंजीकरणों में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत रही, जबकि कुल नए पंजीकरणों में 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की रही।
इलेक्ट्रिक मोटर, इन्वर्टर, ई-एक्सल, इलेक्ट्रिक ट्रांसमिशन और इंटीग्रेटेड ड्राइव सिस्टम जैसे पावरट्रेन घटकों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
स्थानीय विनिर्माण पर बढ़ा जोर
यूरोप के कई देश और वाहन निर्माता स्थानीय स्तर पर EV पावरट्रेन निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं। इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना, सप्लाई चेन को मजबूत बनाना और क्षेत्रीय औद्योगिक क्षमता को बढ़ाना है।
इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, मोटर निर्माण, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और ऑटोमोबाइल कंपनियों के बीच सहयोग भी बढ़ रहा है।
नई तकनीक बदल रही बाजार की तस्वीर
वाहन निर्माता अब पारंपरिक मोटर और इन्वर्टर सिस्टम की जगह इंटीग्रेटेड ई-ड्राइव प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। इंटीग्रेटेड ई-एक्सल तकनीक से वाहन का वजन कम होता है, असेंबली आसान होती है और ड्राइविंग रेंज में सुधार होता है।
रिपोर्ट के अनुसार, सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) सेमीकंडक्टर का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ऊर्जा दक्षता और वाहन प्रदर्शन बेहतर हो रहा है।
यात्री और व्यावसायिक वाहनों में बढ़ रही मांग
वर्तमान में यात्री वाहन इस बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा बने हुए हैं। वहीं इलेक्ट्रिक बस, डिलीवरी वैन और अन्य व्यावसायिक इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
कई यूरोपीय शहरों में सख्त उत्सर्जन नियम लागू होने और कम उत्सर्जन वाले क्षेत्रों के विस्तार से इस क्षेत्र में नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
चुनौतियां भी बनी हुई हैं
बाजार की मजबूत संभावनाओं के बावजूद उद्योग को सेमीकंडक्टर उपलब्धता, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अनुसंधान एवं विकास लागत और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन परिस्थितियों में कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने, रणनीतिक साझेदारी करने और नई इंजीनियरिंग तकनीकों में निवेश पर जोर दे रही हैं।
सॉफ्टवेयर आधारित तकनीक बनेगी भविष्य
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगली पीढ़ी के EV पावरट्रेन में सॉफ्टवेयर की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आधुनिक प्रोपल्शन मैनेजमेंट सिस्टम ऊर्जा उपयोग, रीजनरेटिव ब्रेकिंग, बैटरी प्रबंधन, थर्मल कंट्रोल और वाहन प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
Bosch, ZF Friedrichshafen, Valeo, Continental, Schaeffler, BorgWarner, Magna International और GKN Automotive जैसी कंपनियां उन्नत ई-ड्राइव तकनीकों और स्थानीय विनिर्माण में लगातार निवेश कर रही हैं।

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