इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच चार्जिंग का अनुभव अब भी कई लोगों के लिए परेशानी भरा है। भारी केबल को लगाना, बारिश और गंदगी से बचाना तथा पार्किंग के दौरान उसे संभालना खासकर व्यावसायिक वाहनों के लिए चुनौती बन जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए Electreon ने Lite DOT नाम की नई तकनीक पेश की है, जो पार्किंग की जगह को ही चार्जिंग प्वाइंट में बदलने का प्रयास करती है।
वायरलेस ईवी चार्जिंग पर Electreon का नया दांव
IAA Transportation 2026 में प्रदर्शित Lite DOT सिस्टम में जमीन के ऊपर लगाया जाने वाला बेहद पतला इंडक्टिव चार्जिंग पैड, दीवार पर लगा पावर कंट्रोलर और वाहन के निचले हिस्से में फिट किया जाने वाला रिसीवर शामिल है।
इस तकनीक में वाहन को पारंपरिक चार्जिंग केबल से जोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती। कार या वैन चार्जिंग पैड के ऊपर पार्क होती है और वाहन में लगा रिसीवर सिस्टम से संपर्क स्थापित करने के बाद ऊर्जा का ट्रांसफर शुरू करता है। इसका उद्देश्य चार्जिंग प्रक्रिया को ज्यादा स्वचालित और सुविधाजनक बनाना है।
11kW तक चार्जिंग क्षमता
Electreon के मुताबिक Lite DOT अधिकतम 11kW थ्री-फेज AC पावर उपलब्ध करा सकता है। यह क्षमता घरेलू और व्यावसायिक AC चार्जिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कई वॉल बॉक्स सिस्टम के स्तर की है।
कंपनी का कहना है कि सिस्टम की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी निर्धारित परिस्थितियों में 90 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इस तरह की चार्जिंग खास तौर पर उन वाहनों के लिए उपयोगी हो सकती है जो कई घंटे एक ही जगह खड़े रहते हैं। उदाहरण के तौर पर डिलीवरी वैन और अन्य कमर्शियल वाहन रातभर पार्क रहते हुए चार्ज किए जा सकते हैं।
खराब मौसम में भी काम करने का दावा
पार्किंग एरिया में लगाए जाने वाले चार्जिंग सिस्टम को अलग-अलग मौसम की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। Electreon के अनुसार Lite DOT को -30 से 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने के लिए तैयार किया गया है।
सिस्टम को बारिश, बर्फ और अन्य कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार चार्जिंग पैड तभी सक्रिय होता है जब अधिकृत वाहन का रिसीवर उससे जुड़ता है। इसका डिजाइन अंतरराष्ट्रीय ICNIRP इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एक्सपोजर दिशानिर्देशों के अनुरूप होने का भी दावा किया गया है।
खुदाई के बिना लगाया जा सकता है सिस्टम
Lite DOT की एक खास बात इसका सतह पर लगाया जाने वाला डिजाइन है। पारंपरिक अंडरग्राउंड चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह गहरी खुदाई की आवश्यकता नहीं होती। इससे ऐसे औद्योगिक परिसरों, किराये की जगहों और निजी पार्किंग क्षेत्रों में इसे स्थापित करना आसान हो सकता है जहां बड़े निर्माण कार्य करना मुश्किल होता है।
फ्लीट ऑपरेटरों के लिए इसका एक और फायदा पार्किंग एरिया को व्यवस्थित रखना हो सकता है। कई वाहनों वाले डिपो में चार्जिंग केबल जमीन पर फैले रहने से कर्मचारियों के लिए दुर्घटना और केबल क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।
Electreon पहले भी कर चुकी है वायरलेस चार्जिंग पर काम
Electreon इससे पहले चलते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने वाली डायनेमिक इंडक्टिव चार्जिंग तकनीक पर काम कर चुकी है। इस तकनीक में सड़क की सतह के नीचे कॉइल लगाए जाते हैं, जिससे वाहन चलते समय भी ऊर्जा प्राप्त कर सकता है।
हालांकि बड़े पैमाने पर सड़कों को खोदकर इस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना महंगा और जटिल हो सकता है। इसके मुकाबले Lite DOT स्थिर पार्किंग स्थानों पर चार्जिंग सुविधा देने पर केंद्रित है।
इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस वाहनों के लिए अहम तकनीक
वायरलेस चार्जिंग का इस्तेमाल भविष्य में ऑटोनॉमस इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। ड्राइवरलेस वैन या रोबोटैक्सी के लिए पारंपरिक चार्जिंग प्लग लगाना एक अतिरिक्त चुनौती है, क्योंकि इसके लिए किसी व्यक्ति या रोबोटिक सिस्टम की जरूरत पड़ सकती है।
अगर वाहन खुद चार्जिंग पैड के ऊपर सही तरीके से पार्क होकर ऊर्जा प्राप्त कर सके, तो पूरी प्रक्रिया को स्वचालित बनाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए वाहनों में रिसीवर हार्डवेयर और संबंधित मानकों का व्यापक स्तर पर अपनाया जाना जरूरी होगा।
अभी कीमत और उपलब्धता का इंतजार
Electreon ने Lite DOT की आधिकारिक कीमत की घोषणा नहीं की है। कंपनी फिलहाल इसे एक ऐसी तकनीक के रूप में पेश कर रही है जो पार्किंग आधारित EV चार्जिंग को सरल बना सकती है।
इसके सफल व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत, वाहन में रिसीवर की उपलब्धता और अलग-अलग कार निर्माताओं के बीच तकनीकी मानकीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फिलहाल Lite DOT यह संकेत जरूर देता है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने के लिए केबल लगाना ही एकमात्र विकल्प नहीं रह सकता।

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