ट्रम्प का बड़ा दावा- भारत ने दशकों तक अमेरिका का फायदा उठाया, फिर भी मोदी की वजह से होगी ट्रेड डील!
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा कि भारत ने लंबे समय तक अमेरिका पर ऊंचे आयात शुल्क लगाकर व्यापारिक लाभ उठाया, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और अमेरिका टैरिफ के जरिए अच्छी कमाई कर रहा है।
हालांकि अपने बयान में ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच जल्द ही एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता हो सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना करीबी मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत हैं और भविष्य में व्यापारिक सहयोग और बढ़ सकता है।
मोदी को बताया अपना अच्छा दोस्त
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंध काफी अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेता एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और यही वजह है कि तमाम व्यापारिक मतभेदों के बावजूद दोनों देशों के बीच समझौते की संभावनाएं बनी हुई हैं।
ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ताओं का दौर तेज हो गया है और दोनों देश कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
12.5 फीसदी अतिरिक्त शुल्क की आशंका
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच एक नई चुनौती भी सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन कुछ देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित सूची में भारत का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो अमेरिका में निर्यात होने वाले कुछ भारतीय उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। इससे भारतीय निर्यातकों पर सीधा असर पड़ सकता है और अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद महंगे हो सकते हैं।
अंतरिम व्यापार समझौते पर जारी है बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। दोनों देश ऐसा समझौता चाहते हैं जिससे व्यापारिक बाधाएं कम हों और आर्थिक सहयोग को नई गति मिल सके।
भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष आपसी सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी कानूनी चुनौती
व्यापार समझौते की प्रक्रिया के बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने कुछ कानूनी जटिलताएं पैदा कर दी हैं। अदालत ने ट्रम्प प्रशासन के कुछ पुराने टैरिफ फैसलों पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह स्पष्ट करना जरूरी हो गया कि कौन से शुल्क आगे जारी रहेंगे और किनमें बदलाव होगा।
इसी कारण प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है। हालांकि दोनों देशों के अधिकारी इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका रिश्तों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिल सकती है। यदि प्रस्तावित समझौता सफल रहता है तो दोनों देशों के व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बड़ा लाभ मिल सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि टैरिफ विवाद और कानूनी अड़चनों के बीच दोनों देश किस तरह संतुलन बनाकर नई ट्रेड डील को अंतिम रूप देते हैं।

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