कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पड्डिकल ने शानदार शतक जड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पड्डिकल की 117 रनों की बेहतरीन पारी और मध्यक्रम के उपयोगी योगदान की बदौलत भारत ने दिन का खेल खत्म होने तक 85 ओवर में 300/5 रन बना लिए। हालांकि, दिन के अंतिम चरण में पड्डिकल और रवींद्र जडेजा के विकेट गिरने से श्रीलंका को कुछ राहत जरूर मिली।
देवदत्त पड्डिकल ने फिर दिखाया शानदार फॉर्म
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने परेशान किया। यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने 37 रन की साझेदारी की, लेकिन लाहिरू कुमारा ने राहुल को 18 रन पर विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर भारत को पहला झटका दिया।
इसके बाद जायसवाल ने तेजी से रन बनाए और 45 रन की पारी में नौ चौके लगाए। हालांकि, असिथा फर्नांडो की शानदार गेंद ने उनकी पारी का अंत कर दिया। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और पड्डिकल ने मोर्चा संभाला और तीसरे विकेट के लिए 120 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।
गिल ने 108 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन चाय से ठीक पहले फर्नांडो ने उन्हें 50 रन पर आउट कर दिया। इसके बाद पड्डिकल ने आक्रामक अंदाज अपनाया और शानदार शतक पूरा किया।
117 रन की पारी ने भारत को संभाला
पड्डिकल ने 193 गेंदों का सामना करते हुए 117 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
पड्डिकल के आउट होने के बाद रवींद्र जडेजा ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने 83 गेंदों पर 43 रन बनाकर भारत के स्कोर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, नई गेंद लेने के बाद फर्नांडो ने जडेजा को भी पवेलियन भेज दिया।
पंत को लगी चोट, दूसरे दिन करेंगे बल्लेबाजी
भारत को उस समय बड़ा झटका लगा जब ऋषभ पंत को शॉर्ट गेंद कलाई पर लगने के बाद केवल तीन रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भरोसा दिलाया कि पंत दूसरे दिन बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे।
स्टंप्स के समय ध्रुव जुरेल सात रन और डेब्यू कर रहे सारांश जैन चार रन बनाकर नाबाद थे। दोनों के सामने दूसरे दिन भारत की पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
श्रीलंका के लिए फर्नांडो रहे सबसे सफल गेंदबाज
श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे। उन्होंने 16 ओवर में 46 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। लाहिरू कुमारा और केशारा नुवांथा को एक-एक सफलता मिली।
श्रीलंकाई गेंदबाजी कोच रयान वान निकर्क का मानना है कि नई गेंद से दूसरे दिन सुबह शुरुआती विकेट हासिल करके मेजबान टीम मुकाबले में वापसी कर सकती है। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी माना कि कुछ विकेट बचाए जा सकते थे, लेकिन कुल मिलाकर टीम का पहला दिन शानदार रहा।
दूसरे दिन भारत की नजर बड़े स्कोर पर
300/5 के मजबूत स्कोर के साथ भारत दूसरे दिन अपनी पहली पारी को और आगे बढ़ाना चाहेगा। वहीं श्रीलंका की कोशिश सुबह के सत्र में जल्दी विकेट लेकर भारत को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने की होगी। पड्डिकल का शतक भारत के लिए पहले दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा और अब टीम की नजर मजबूत बढ़त हासिल करने पर होगी।

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