चंडीगढ़ ईवी बाजार में अब इलेक्ट्रिक स्कूटर की जगह कारों की बढ़ती मांग ने तस्वीर बदल दी है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में शहर में 3,243 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए, जिनमें करीब 70 फीसदी यानी 2,254 इलेक्ट्रिक कारें हैं। यह आंकड़ा बताता है कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहन अब केवल सस्ता आवागमन नहीं, बल्कि आधुनिक और प्रीमियम कार अनुभव के विकल्प के रूप में भी देखे जाने लगे हैं।
चंडीगढ़ ईवी बाजार में कारों की बढ़ी हिस्सेदारी
चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है, लेकिन अब इस वृद्धि का सबसे बड़ा हिस्सा कारों से आ रहा है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में शहर में कुल 6,036 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए थे। अगर मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो इस वित्त वर्ष के अंत तक यह संख्या लगभग 7,800 तक पहुंच सकती है।
इलेक्ट्रिक कारों की मांग में आया उछाल इस बदलाव का सबसे अहम संकेत है। वित्त वर्ष 2023-24 में चंडीगढ़ में केवल 302 इलेक्ट्रिक कारें दर्ज हुई थीं। अगले साल यह संख्या बढ़कर 1,713 और 2025-26 में 3,665 हो गई। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में ही 2,254 इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण हो चुका है।
इलेक्ट्रिक स्कूटर से इलेक्ट्रिक कार तक बदली पसंद
शुरुआती दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों के आसपास केंद्रित थी। कम दूरी की यात्रा, पेट्रोल की तुलना में कम खर्च और शहर के भीतर आसान आवागमन के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर लोगों को आकर्षित करते थे।
हालांकि, अब खरीदारों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं। पिछले वित्त वर्ष में 2,356 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और स्कूटर पंजीकृत हुए थे, जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में इनकी संख्या 980 रही है। इसके विपरीत इलेक्ट्रिक कारों की मांग कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ी है।
डीलरों के मुताबिक, कुछ साल पहले ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले मुख्य रूप से यह पूछते थे कि इससे ईंधन पर कितनी बचत होगी। अब बातचीत का केंद्र बदल गया है। ग्राहक कार की रेंज, डिजाइन, इंटीरियर, तकनीक, ड्राइविंग अनुभव और चार्जिंग सुविधा के बारे में ज्यादा सवाल पूछ रहे हैं।
अब ईवी सिर्फ दूसरी कार नहीं
बदलते ग्राहक व्यवहार का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इलेक्ट्रिक कार को अब केवल परिवार की दूसरी गाड़ी के तौर पर नहीं देखा जा रहा। कई खरीदार इसे अपनी मुख्य कार के रूप में अपनाने पर विचार कर रहे हैं।
चंडीगढ़ की भौगोलिक स्थिति और अपेक्षाकृत छोटी शहरी दूरी भी इलेक्ट्रिक कारों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है। शहर में कारों का उपयोग पहले से काफी आम है, ऐसे में इलेक्ट्रिक विकल्पों की संख्या बढ़ने के साथ खरीदारों के पास पारंपरिक पेट्रोल और डीजल कारों के बजाय कई ईवी मॉडल की तुलना करने का अवसर भी बढ़ा है।
ईवी खरीदने की वजह अब सिर्फ बचत नहीं
इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लोकप्रियता का बड़ा कारण कम रनिंग कॉस्ट था। लेकिन मौजूदा खरीदारों के लिए यह अकेला फैसला लेने वाला कारक नहीं रह गया है।
शांत ड्राइविंग, तेज एक्सीलरेशन, आधुनिक फीचर्स, बेहतर केबिन और कनेक्टेड तकनीक जैसे पहलू भी इलेक्ट्रिक कारों को आकर्षक बना रहे हैं। कई ग्राहकों के लिए ईवी अब केवल पेट्रोल का सस्ता विकल्प नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की कार का अनुभव बनती जा रही है।
इसी बदलाव के कारण रेंज को लेकर चर्चा जारी रहने के बावजूद खरीदार अब सॉफ्टवेयर, घर पर चार्जिंग, केबिन क्वालिटी और ड्राइविंग अनुभव को भी उतनी ही गंभीरता से देख रहे हैं।
बढ़ते विकल्पों ने बढ़ाया भरोसा
इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में मॉडल और कीमतों की विविधता बढ़ने से ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। पहले सवाल यह होता था कि इलेक्ट्रिक कार रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए व्यावहारिक है या नहीं। अब ग्राहक अलग-अलग मॉडलों के बीच चुनाव करने की स्थिति में हैं।
यही बदलाव ईवी बाजार के अगले चरण की ओर इशारा करता है। जब ग्राहक तकनीक को लेकर आश्वस्त होने के बाद अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार मॉडल चुनने लगते हैं, तो किसी नई तकनीक का शुरुआती दौर धीरे-धीरे मुख्यधारा के बाजार में बदलने लगता है।
चंडीगढ़ में ईवी का अगला दौर
चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों के आंकड़े केवल बिक्री बढ़ने की कहानी नहीं बताते, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि उपभोक्ताओं की सोच बदल रही है। इलेक्ट्रिक स्कूटर ने शहर में ईवी को रोजमर्रा के परिवहन का हिस्सा बनाने में भूमिका निभाई, लेकिन अब इलेक्ट्रिक कारें इस तकनीक को ज्यादा महत्वाकांक्षी और प्रीमियम विकल्प के रूप में आगे ले जा रही हैं।
अगर मौजूदा रुझान जारी रहता है, तो आने वाले समय में चंडीगढ़ का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार केवल संख्या के लिहाज से नहीं, बल्कि खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं के कारण भी देश के महत्वपूर्ण शहरी ईवी बाजारों में नजर आ सकता है।

Leave a Comment