पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की के कथित रेप और हत्या के मामले ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दल लगातार एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। इसी बीच कैंडल मार्च को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बताया है।
दिलीप घोष ने कैंडल मार्च पर उठाए सवाल
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी लंबे समय से विरोध की राजनीति करती रही हैं, लेकिन राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था को लेकर उनका रवैया सवालों के घेरे में रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ कई गंभीर घटनाएं हुईं, लेकिन उन मामलों में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने की तस्वीरें बहुत कम देखने को मिलीं। उनके अनुसार, केवल चुनिंदा घटनाओं पर कैंडल मार्च निकालना सही संदेश नहीं देता।
बारुईपुर घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज
भाजपा नेताओं ने कहा कि बारुईपुर की घटना बेहद दुखद है और पीड़ित परिवार को हरसंभव न्याय मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। घोष ने यह भी कहा कि जनता सभी घटनाओं को देख रही है और आने वाले समय में इसका असर राजनीति पर भी दिखाई देगा।
पुरानी घटनाओं का भी किया जिक्र
अपने बयान के दौरान दिलीप घोष ने राज्य की कई पुरानी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए कि उन मामलों में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और न्याय की मांग को लेकर समान सक्रियता क्यों नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित के साथ न्याय का पैमाना एक जैसा होना चाहिए और राजनीति से ऊपर उठकर संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे भाजपा नेता
बारुईपुर मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की। भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि परिवार जो भी मांग करेगा, उसे पूरा कराने की कोशिश की जाएगी। वहीं, अग्निमित्रा पॉल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं और घटना पर गहरा दुख जताते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
राजनीतिक माहौल लगातार गर्म
बारुईपुर की इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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