बरगी डैम क्रूज हादसा मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोगों को झकझोर देने वाली घटना बन गया है। इस दर्दनाक हादसे में जहां कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, वहीं 70 वर्षीय सैयद रियाज हुसैन ने मौत को बेहद करीब से देखकर भी जिंदगी की जंग जीत ली। तीन घंटे तक पानी में डूबे क्रूज के अंदर फंसे रहने के बाद उनका जिंदा बाहर निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा।
बरगी डैम क्रूज हादसे में कैसे बची बुजुर्ग की जान
सैयद रियाज हुसैन अपने परिवार के साथ बरगी डैम में क्रूज यात्रा का आनंद लेने पहुंचे थे। अचानक मौसम खराब हुआ और तेज आंधी के बीच क्रूज असंतुलित होकर पलट गया। हादसे के बाद रियाज हुसैन क्रूज के अंदर फंस गए, जहां गर्दन तक पानी भर चुका था। उन्होंने लगातार क्रूज की दीवारें पीटकर बाहर मौजूद रेस्क्यू टीम को संकेत देने की कोशिश की। उनकी आवाज सुनने के बाद बचाव दल को पता चला कि अंदर कोई जिंदा है।
तीन घंटे तक अंधेरे में चलता रहा संघर्ष
रियाज हुसैन ने बताया कि हादसे के कुछ मिनट बाद चारों तरफ सन्नाटा छा गया था। उन्हें लगा कि शायद अब बचना मुश्किल है, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। करीब तीन घंटे तक वह अंधेरे और पानी से भरे हिस्से में फंसे रहे। आखिरकार रेस्क्यू टीम ने उन्हें बाहर निकाल लिया। हालांकि इस हादसे में उन्होंने अपनी पत्नी, बेटी और अन्य रिश्तेदारों को खो दिया, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि हादसे के समय पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं थीं और क्रूज स्टाफ ने समय रहते यात्रियों की मदद नहीं की। कुछ लोगों का दावा है कि चालक दल यात्रियों को छोड़कर पहले खुद बच निकला। मामले में जांच शुरू कर दी गई है और अदालत ने भी सख्त रुख अपनाया है।
पूरे देश में चर्चा का विषय बनी घटना
बरगी डैम में हुए इस हादसे ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग रियाज हुसैन की बहादुरी और जिजीविषा की सराहना कर रहे हैं। वहीं प्रशासन पर भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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