सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक बड़ी खबर सामने आई है। सदावल क्षेत्र में बन रहे वीवीआईपी हेलीपैड प्रोजेक्ट को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। करीब 10.45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस प्रोजेक्ट का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और इसी बीच नई बनी कंक्रीट सतह पर गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं।
निर्माण पूरा होने से पहले दिखीं बड़ी खामियां
जानकारी के मुताबिक हेलीपैड की नई सतह के बीचों बीच गहरी दरारें दिखाई दी हैं। इस घटना के सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि यह तकनीकी खामी हाल ही में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक में भी चर्चा का विषय बनी थी।
अधिकारियों ने जताई नाराजगी
रिपोर्ट के अनुसार संभागायुक्त और मुख्य मेला अधिकारी आशीष सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी थी।
साथ ही जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण में सामने आई खामियों की असली वजह क्या है।
पहले भी उठ चुके थे काम की रफ्तार पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब इस प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर प्रशासन नाराजगी जता चुका है।
करीब दो महीने पहले अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए वेतन कटौती के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद अब निर्माणाधीन संरचना में दरारें दिखाई देना चिंता का विषय माना जा रहा है।
समय सीमा निकलने के बाद भी अधूरा है काम
जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट को जनवरी 2026 तक पूरा किया जाना था लेकिन अभी भी कई हिस्सों का काम बाकी है। बाउंड्री वॉल वेटिंग एरिया लाउंज और अन्य निर्माण कार्य अभी पूरे नहीं हुए हैं।
अब नई दरारें सामने आने के बाद माना जा रहा है कि मरम्मत और दोबारा काम होने की वजह से प्रोजेक्ट में और देरी हो सकती है।
शहर के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अहम है प्रोजेक्ट
सदावल में बन रहा यह हेलीपैड प्रोजेक्ट उज्जैन शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद वीवीआईपी मूवमेंट को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा और शहर के ट्रैफिक पर भी दबाव कम हो सकता है।
सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन अब इस मामले में सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है।

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