आजकल फिट रहने के लिए लोग तेजी से जिम और हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन गलत वर्कआउट रूटीन शरीर के जोड़ों के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सही तकनीक, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज और शरीर की क्षमता से अधिक दबाव डालने से घुटनों, कमर और कंधों पर बुरा असर पड़ सकता है।
कई लोग शुरुआती दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी में बदल सकता है।
गलत वर्कआउट रूटीन से जोड़ों पर बढ़ता है दबाव
फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार लगातार हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग और गलत पॉश्चर में एक्सरसाइज करने से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
खासतौर पर स्क्वाट, भारी वजन उठाना और लगातार रनिंग जैसी गतिविधियां गलत तरीके से करने पर घुटनों और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए एक जैसा वर्कआउट सभी के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। 0
छोटे संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
वर्कआउट के बाद लगातार दर्द, सूजन, थकान या शरीर में अकड़न जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक लंबे समय तक दर्द बने रहना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर को पर्याप्त रिकवरी नहीं मिल रही है।
ऐसी स्थिति में जोड़ों और मांसपेशियों को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
सही तकनीक और संतुलन है सबसे जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले सही वार्मअप और ट्रेनिंग तकनीक सीखना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा शरीर को पर्याप्त आराम देना और धीरे-धीरे वर्कआउट की तीव्रता बढ़ाना सुरक्षित माना जाता है।
सही जूते, संतुलित डाइट और नियमित स्ट्रेचिंग भी जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
फिटनेस में जल्दबाजी बन सकती है खतरा
सोशल मीडिया पर दिखने वाले कठिन वर्कआउट को बिना तैयारी अपनाना कई लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है।
फिटनेस विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर की सीमाओं को समझे बिना जरूरत से ज्यादा ट्रेनिंग करना लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है।
स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और सुरक्षित फिटनेस रूटीन अपनाना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

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