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सिंहस्थ 2028 में नहीं बिछड़ेंगे अपने! उज्जैन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आएगा हाईटेक RFID बैंड सिस्टम

By Dainik Jan Times

Published on: May 15, 2026

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उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ में सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों और बुजुर्गों के बिछड़ने की होती है। लेकिन इस बार सिंहस्थ में ऐसी हाईटेक व्यवस्था की तैयारी हो रही है जो लोगों की इस चिंता को काफी हद तक खत्म कर सकती है। रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ और महाराष्ट्र के एक एनजीओ की मदद से श्रद्धालुओं के लिए RFID बैंड सिस्टम लाने की योजना बनाई जा रही है।

सिंहस्थ में मिलेगी लाइव लोकेशन की सुविधा

योजना के मुताबिक सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालु स्टेशन पर उतरते ही अपने बच्चों और बुजुर्गों की जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। इसके बाद उनके हाथ में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी यानी RFID बैंड बांधा जाएगा।

पूरे सिंहस्थ क्षेत्र में ट्रैकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे जिससे अगर कोई बच्चा या बुजुर्ग भीड़ में गुम हो जाता है तो उसकी लाइव लोकेशन तुरंत पता चल जाएगी। इससे गुमशुदा लोगों को तलाशना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा।

प्रयागराज कुंभ में भी नहीं थी ऐसी व्यवस्था

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इस तरह की सुविधा प्रयागराज कुंभ में भी नहीं थी। वहां करोड़ों लोगों की भीड़ के बीच कई लोग अपने परिवार से बिछड़ गए थे और उन्हें ढूंढने में काफी परेशानी हुई थी।

खासतौर पर ऐसे लोग जो मोबाइल का उपयोग नहीं करते उनके लिए यह व्यवस्था बेहद मददगार साबित हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए इसे सिंहस्थ की सबसे बड़ी तकनीकी तैयारी माना जा रहा है।

पूरी तरह मुफ्त रहेगी सुविधा

आरपीएफ पोस्ट प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव के अनुसार श्रद्धालुओं से RFID बैंड के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। पूरी व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी और इसका खर्च संबंधित एनजीओ उठाएगा।

हालांकि यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होगी यानी श्रद्धालु अपनी इच्छा से इसका उपयोग कर सकेंगे। सिंहस्थ में बनाए जाने वाले गुमशुदा केंद्रों पर एनजीओ के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे ताकि शिकायत मिलते ही तुरंत तलाश शुरू की जा सके।

नासिक कुंभ के बाद उज्जैन में लागू हो सकती है योजना

अधिकारियों के मुताबिक सबसे पहले इस तकनीक का इस्तेमाल वर्ष 2027 में नासिक कुंभ मेले में किया जाएगा। वहां अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बड़े धार्मिक आयोजनों में ऐसी तकनीक लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहद जरूरी साबित होगी।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां हुईं हाईटेक

सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन लगातार नई तकनीकों और व्यवस्थाओं पर काम कर रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं के सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

RFID बैंड सिस्टम को लेकर लोगों में भी उत्सुकता बढ़ गई है क्योंकि इससे भीड़ में अपनों के खोने का डर काफी कम हो सकता है।

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