होली का त्योहार खुशियों, उमंग और रंगों का प्रतीक है, लेकिन इसी दौरान बाजार में मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। आम जनता की सेहत को खतरे में डालने वाली इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेशभर में मिलावटी मिठाई और रंगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, ताकि त्योहार सुरक्षित और आनंदमय माहौल में मनाया जा सके।
भोपाल में अधिकारियों को सख्त निर्देश
भोपाल में आयोजित जनगणना 2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश दिए कि होली और महाशिवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों से पहले बाजारों की विशेष निगरानी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी हाल में जनता की सेहत से समझौता नहीं होना चाहिए। इसी उद्देश्य से मिलावटी मिठाई और रंगों पर कार्रवाई को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि मिठाई, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ-साथ होली के रंगों की भी गहन जांच की जाए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर
त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने शांति समितियों के साथ बैठक कर संवाद बढ़ाने को कहा है, ताकि भाईचारा और सद्भाव बना रहे। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मिलावटी मिठाई और रंगों पर कार्रवाई के साथ-साथ किसी भी अफवाह या तनाव की स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जाए।
किसानों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी फोकस
त्योहारों की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित करने की याद दिलाई। उन्होंने गेहूं उपार्जन के लिए मंडियों में समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, जनगणना कार्य समयसीमा में पूरा करने का भी आह्वान किया।
सरकार की यह पहल स्पष्ट करती है कि इस बार होली केवल रंगों की नहीं, बल्कि सुरक्षा और विश्वास की भी होगी। मिलावटी मिठाई और रंगों पर कार्रवाई के जरिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हर नागरिक स्वस्थ, सुरक्षित और आनंदित होकर त्योहार मना सके

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